अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दाखा से विधायक और पंजाब विधानसभा में शिरोमणि अकाली दल के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की ओर से विद्यार्थियों से लिए जा रहे हलफनामे का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से ऐसा हलफनामा लेना जिसमें यह शर्त हो कि छात्र किसी भी विभाग या यूनिवर्सिटी अथॉरिटी के खिलाफ कोई धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे और अगर कोई छात्र या छात्र संगठन ऐसा करता है तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, यह पूरी तरह से गैर-कानूनी, गैर-लोकतांत्रिक और असांविधानिक है।
अयाली ने कहा कि ऐसा हलफनामा विद्यार्थियों को संविधान में मिले बोलने और विरोध करने के अधिकार को छीनने जैसा है। यह यूनिवर्सिटी प्रशासन की जबरदस्ती और तानाशाही है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता। वे इस जबरदस्ती के खिलाफ विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने हर क्षेत्र में बहुत नाम कमाया है और यहां से पढ़े हुए कई होनहार लोगों ने देश-दुनिया में पंजाब और यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है। यहां से निकली छात्र लीडरशिप ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में देश की सेवा की है। अयाली ने ऐसे हलफनामों को एक बड़ी साजिश बताया और कहा कि इसका मकसद है कि भविष्य में युवा नेतृत्व (लीडरशिप) विकसित न हो पाए। इस साजिश के खिलाफ वे पूरी ताकत से लड़ेंगे और हलफनामा लेने की यह शर्त किसी भी हाल में बंद करवाकर रहेंगे।