औद्योगिक क्षेत्र में अब आईटी कंपनियों के ऑफिस खुलेंगे। प्रशासक शिवराज पाटिल ने औद्योगिक क्षेत्र में आईटी के साफ्टवेयर और हार्डवेयर के उत्पादन को मंजूरी दे दी है।
चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की यह मांग काफी लंबे समय से अटकी हुई थी। हालांकि उद्योगिक क्षेत्र में कॉल सेंटर शुरू नहीं किए जा सकेंगे। यहां सिर्फ सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से जुड़ी कंपनियां ही काम कर पाएंगी।
चुनाव से पहले तोहफा
आईटी इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमी इसे चुनाव से पहले का तोहफा मान रहे हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इस फैसले को मंजूरी दे दी गई है।
प्रशासक पाटिल की ओर से करीब तीन महीने पहले ही इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) से निर्देश मिलने के बाद प्रशासन इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
अब यहां काम करने की इच्छुक कंपनियों को यूटी के संपदा विभाग के पास आवेदन करना होगा। इसके लिए कंपनियों को अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी होगी।
40 कंपनियां कर रही हैं इंतजार
प्रशासन के इस फैसले से उन आईटी कंपनियों को भी लाभ मिलेगा, जिन्हें आईटी पार्क में अभी जगह नहीं मिल पाई है। आईटी पार्क में जमीन के लिए करीब 40 आईटी कंपनियों के आवेदन लगभग ढाई साल से लंबित पड़े हैं।
मौका भुनाने की तैयारी
इंडस्ट्रियल एरिया में कमर्शियल स्पेस तैयार करने वाली कंपनियां भी इस मौके को भुनाने के लिए पहले से ही तैयार हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में 20 लाख वर्ग फुट आफिस स्पेस तैयार हो चुका है।
यह करीब एक दर्जन आईटी कंपनियों के लिए पर्याप्त है। स्पेस तैयार करने वाली ये कंपनियां कई तरह के स्पेशल पैकेज भी दे रही हैं। होटल में रहने से लेकर खान-पान में छूट के भी आफर हैं।
मिसयूज के नोटिस पर रोक
प्रशासन ने संपदा विभाग को उद्योगपतियों को जारी किए जा रहे मिसयूज के नोटिस भी भेजने पर रोक लगाने को कहा गया है।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के अध्यक्ष अरुण महाजन और चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष संदीप साहनी ने मांगे मानने के लिए प्रशासक का धन्यवाद किया है। प्रशासन से उनकी अन्य मांगे भी जल्द मानने की अपील की है।