चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से लेट फीस जमा करने का जो नोटिस निकाला है, उसको छात्रों ने चांसलर कार्यालय तक पहुंचा दिया है। छात्रों ने चांसलर से कहा है कि वह इस मामले में दखल देते हुए पीयू से कहें कि पहले एग्जाम करवाने व न करवाने की स्थिति स्पष्ट करें। उसके बाद शुल्क लिया जाए। यदि शुल्क लिया भी जा रहा है तो उसके लिए फाइन न लें।
पीयू ने दो दिन पहले एक नोटिस निकाला है। उसमें कहा है कि जिन विद्यार्थियों ने एग्जामिनेशन फीस नहीं जमा की है वह लेट फीस के साथ जमा कर सकते हैं। इस मामले को छात्र संगठन दो दिन से उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पीयू जब प्रथम व दूसरे साल के विद्यार्थियों के एग्जाम ही नहीं करवाएगा तो फिर शुल्क क्यों लिया जा रहा है। इस समय कोविड चल रहा है। लॉकडाउन के कारण तमाम स्टूडेंट्स के परिवारों के मुखिया काम नहीं कर पाए। उन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में वह लेट फीस देने की स्थिति में नहीं हैं। छात्रों ने दो दिन तक इंतजार किया। पीयू ने इस मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। अब विद्यार्थियों ने चांसलर को मेल भेजे हैं। एनएसयूआई समेत कई छात्र संगठनों ने यह मुद्दा उठाया था। उन्हीं के जरिये मेल भी भेजे गए हैं। छात्रों ने कहा है कि चांसलर इस मामले को गंभीरता से लें।