सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर तत्कालीन पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह पर एफआईआर की मांग
विजयपाल सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सौंपी शिकायत, मतपत्रों पर अवैध निशान लगाने और मतगणना में गड़बड़ी के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2024 में मतपत्रों पर कथित अवैध निशान लगाने और मतगणना में अनियमितताओं का मामला फिर गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को शिकायत सौंपकर तत्कालीन पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
आप चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को शिकायत दी। इसमें कोर कमेटी अध्यक्ष प्रेम गर्ग, महासचिव ओंकार सिंह औलख, नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह बुटरेला और मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा शामिल रहे। पार्टी ने शिकायत में 20 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और 31 जनवरी 2024 को सेक्टर-17 थाने में दी गई शिकायत का हवाला दिया।
आठ मतपत्रों को अमान्य घोषित करने पर हुआ था विवाद
30 जनवरी 2024 को हुए मेयर चुनाव में आप और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में पड़े आठ मतपत्रों को अमान्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया। चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी गई और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। शीर्ष अदालत ने 20 फरवरी 2024 को कुलदीप कुमार बनाम केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ एवं अन्य मामले में फैसला सुनाया था।
साक्ष्यों के आधार पर जांच की मांग
आप ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान मतपत्रों पर कथित तौर पर अवैध निशान लगाए गए और प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। पार्टी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए मामले की आपराधिक जांच कराई जाए, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।