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Haryana: सदन में गूंजा बेमौसमी बारिश से खराब फसल का मुद्दा, मुख्यमंत्री ने की स्पेशल गिरदावरी की घोषणा

Wed, 22 Mar 2023 01:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

दिनभर प्रशनकाल, शून्यकाल और बजट पर चर्चा में भी ओलावृष्टि का मामला गरमाया। किसानों को 72 घंटे के अंदर क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान की जानकारी देनी होगी। विधायकों ने पोर्टल से छूट की मांग रखी है। मैनुवली तरीके से गिरदावरी की मांग है। 
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हरियाणा विधानसभा। - फोटो : @cmohry
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को प्रदेशभर में बेसौसमी बारिश से खराब हुई फसलों का मुद्दा छाया रहा। सत्ताधारी विधायकों समेत विपक्षी विधायकों ने एक सुर में खराब फसल की स्पेशल गिरदावरी और मुआवजे की मांग रखी। प्रशन काल से लेकर शून्यकाल और बजट पर चर्चा के दौरान भी विधायकों ने यह मांग सदन में रखी। मामले की गंभीरता को देखेत हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में घोषणा की कि सरकार इसके लिए स्पेशल गिरदावरी कराएगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास ऐसी शिकायतें आई हैं कि बारिश से किसानों की फसलें खराब हुई है। किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष रूप से गिरदावरी कराएगी। साथ ही किसानों को अपने नुकसान की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी डालनी होगी। इसके बाद पटवारियों की रिपोर्ट और किसानों द्वारा बेची गई फसल के आंकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वह नुकसान की जानकारी समय पर अपलोड कर दें।

कांग्रेसियों ने सरकार को घेरा, पोर्टल से मुक्ति की मांग
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, अमित सिहाग, शीशपाल केहरवाला, इंदूराज भालू समेत अन्य विधायकों ने फसल खराबे को लेकर सरकार को घेरा और मुआवजे की मांग उठाई। हथीन से भाजपा विधायक प्रवीन डागर, तिगांव से भाजपा के ही राजेश नागर ने किसानों का मुद्दा उठाया। वहीं, असंध से विधायक शमशेर गोगी ने और निर्दलीय विधायक चरखीदादरी से विधायक सोमबीर सांगवान ने क्षति पूर्ति पोर्टल से किसानों को मुक्ति की बात रखी। विधायकों ने कहा कि किसान कम पढ़े लिखे हैं और यह पोर्टल उनकी समझ नहीं आता है।
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मैनुवली तरीके से गिरदावरी कराकर ही किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। जुलाना से जजपा के विधायक अमरजीत ढांडा ने कहा कि सरकार सभी डीसी के माध्यम से बीमा कंपनियों को भी निर्देश जारी कराए, ताकि किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके। साथ ही ढांडा ने सवाल उठाया कि 72 घंटे की शर्त को हटाया जाए, क्योंकि पिछले दो दिनों से बारिश चल रही है, ऐसे में 72 घंटे कहां से शुरू होंगे, ये भी साफ किया जाए।

सीएम ने रात्रि भोज के लिए कहा, गोगी बोले, कुछ किसानों के लिए भी कुछ कर दो
मुख्यंत्री ने सदन को रात्रि भोज के लिए खड़े होकर आमंत्रण दिया तो असंध से विधायक शमशेर गोगी खड़े हुए और कहा कि, जिन किसानों द्वारा उगाया अनाज रात को खाने के लिए बुला रहे हो, कम से कम उनके लिए स्पेशल गिरवादरी की घोषणा तो कर दो। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट की चर्चा के जवाब में यह घोषणा करनी थी, लेकिन अभी करता हूं।

50 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मिले मुआवजा : अनुराग ढांडा
आम आदमी पार्टी ने पूरे प्रदेश में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से हुए गेहूं और सरसों की फसलों के नुकसान के लिए किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है। आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा, रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नारनौल, चरखी दादरी, रोहतक और भिवानी में सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 20 प्रतिशत से ज्यादा फसल को मौसम की मार से नुकसान पहुंचा है।

वहीं, रोहतक में भी बारिश, ओला वृष्टि और तेज हवाओं से 50 प्रतिशत गेहूं की खड़ी फसल गिर गई। वहीं 40 प्रतिशत सरसों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों को दोहरी मार पड़ी है। हरियाणा में इस बार एमएसपी बढ़ाने से उत्साहित किसानों से चार लाख एकड़ ज्यादा में सरसों की बुआई की थी। हरियाणा में साल 2022-23 के दौरान सरसों की खेती 18.16 लाख हेक्टेयर भूमि में की गई थी, वहीं गेहूं का रकबा 22.9 लाख हेक्टेयर है।

ढांडा ने कहा कि बेमौसम बारिश ने किसान परिवारों को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी में फसल नुकसान के कारण एक किसान पवन की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। वहीं झज्जर में एक महिला किसान की तबीयत बिगड़ गई।

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