दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले सेना के कर्मी के पिता सामने आए हैं। उनका कहना है कि इससे तो अच्छा होता कि मैं बिना बेटे के ही रहता। ऐसा बेटा होने से अच्छा है कि वो होता ही नहीं। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (एमईएस) के इलेक्ट्रिशियन राम कुमार के परिजनों व पैतृक गांव चुहड़ीवाला धन्ना निवासियों में भारी आक्रोश है। राम कुमार के पिता तारा चंद का कहना है कि ऐसा बेटा होने से तो बेटा न होना अच्छा था।
उन्होंने बताया कि रामकुमार (28) उनका छोटा बेटा है, जिसकी अभी शादी नहीं हुई है। उसने देश के साथ गद्दारी करके पूरे गांव के लोगों के सामने उनकी नाक कटा दी। ताराचंद का कहना है कि गरीबी के कारण वह खुद नहीं पढ़ सके, लेकिन बेटे को पढ़ा लिखा कर लायक बनाया। यह उनकी बदकिस्मती है। बेटे ने उनका सिर शर्म से नीचा कर दिया। पिता ने बताया कि रामकुमार जालंधर से डेढ़-दो महीने में एक बार चुहड़ीवाला धन्ना आता और तीन से चार दिन तक रहता था। उसकी हरकतें ऐसी नहीं थीं कि शक हो।
आरोपित की मां लीला देवी की आंखें भी नम थीं। वह किसी से बात नहीं कर रही थीं। गांव के लोग स्तब्ध हैं। गांववालों का कहना है कि तारा चंद व उनके परिवार के साथ हमें सहानुभूति है। फिलहाल जिला पुलिस रामकुमार से पूछताछ करके यह जानना चाहती है कि आखिर उसने मुखबिरी के दौरान भारत के क्या-क्या राज दुश्मन देश को बताए हैं, कैसे बताए और क्यों बताया। पुलिस जानना चाहती है कि वह दुश्मनों के लिए क्यों काम करना था। उसने देश के साथ गद्दारी करने की सोची भी कैसे।
आईएसआई के अधिकारियों से संपर्क में था
15 मार्च को स्पेशल ऑपरेशन सेल स्टाफ ने आईएसआई के एक एजेंट को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को राज्य में सक्रिय जासूसी रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद इस पाकिस्तानी जासूस को चंडीगढ़ भेज दिया है। जहां केंद्रीय और पंजाब सरकार की अलग-अलग एजेंसी उससे पूछताछ करेंगी।
जासूस की पहचान राजकुमार निवासी फाजिल्का के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का संपर्क लाहौर व रावलपिंडी में बैठे आईएसआई के अधिकारियों के साथ था। राजकुमार पाकिस्तानी सिम का प्रयोग कर व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भारत की सैन्य जानकारियां भेजता था। अमृतसर की स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के बाद राजकुमार को पकड़ा। उसके पास से दो मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
सोशल मीडिया के जरिए जानकारियां लीक करता था
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक रामकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पाकिस्तानी हैंडलर को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने की बात कबूल की है। आरोप है कि जानकारी प्रदान करने के अलावा, उसने पाकिस्तानी खुफिया संचालकों को सैन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दिए थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 2013 से जालंधर कैंट में एमईएस (मिलिट्री इंटेलीजेंस सर्विसेस) के साथ इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम कर रहा है।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से उसकी दोस्ती हो गई थी। उसे भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भारतीय सेना की इकाइयों और क्षेत्र में सेना के काफिले की आवाजाही की जानकारी देने के लिए कहा गया था। इसकी एवज में कई बार पैसे भी दिए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलवामा की घटना के बाद उसके हैंडलर सेना की गतिविधियों के बारे में जानने के लिए उतावले थे।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ थाना एसएसओसी अमृतसर में आधिकारिक राज अधिनियम (ओएसए) की धारा 3, 4, 5, 9 और 120-बी आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसके सोशल मीडिया संपर्कों की जांच करने के लिए आगे की जांच चल रही है। अमृतसर के डीएसपी हरिंदर सिंह ने कहा कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 14 राउंड व दस्तावेज बरामद किए गए हैं।