कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के फैसले का विरोध करते हुए सिंचाई विभाग के मुलाजिमों ने पटियाला में सिंचाई कांप्लेक्स बारां खुहां में रोष रैली निकाली। यहां कैप्टन सरकार के उस फैसले का विरोध किया गया, जिसमें कैनाल लाइनिंग के कर्मचारियों को माइनिंग विभाग में भेजा जा रहा है। जल्द फैसला वापस न लेने पर 26 जून को रोष रैली करके सीएम के आवास मोती महल की तरफ मार्च निकाला जाएगा।
इस मौके पर इरीगेशन मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से जल स्रोत विभाग के कैनाल लाइनिंग विंगों को भंग करके करीब 1000 कर्मचारियों को बिना सहमति माइनिंग महकमे में डेपुटेशन पर भेजने संबंधी हुक्म जारी किए गए हैं। आदेश हुए है कि तुरंत लाइनिंग दफ्तर बंद करके अपनी हाजिरी रिपोर्टें हेडऑफिस चंडीगढ़ में दी जाएं। सरकार की ओर से अभी तक माइनिंग के दफ्तर कहां खोलने हैं और कर्मचारियों की क्या ड्यूटी होंगी।
कर्मियों को तनख्वाहें कहां से मिलेंगी, कर्मचारी जो सिंचाई विभाग में विभिन्न कैटेगरियों के पदों पर भरती हुए हैं, पर कौन से सर्विस रूल लागू होंगे। इन सब के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। मुलाजिमों ने इस संबंध में सिंचाई मंत्री से भी मुलाकात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐलान किया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।