इराक में अपहृत 39 भारतीयों के परिजन चाहते हैं कि उनके लाडलों की सुरक्षित वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए इराक में अमेरिका के हवाई हमलों को तुरंत बंद करवाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि करीब दो माह से उनके परिजन आईएसआईएस आतंकियों के चंगुल में फंसे हैं।
अब आतंकियों के खिलाफ अमेरिका के हवाई हमलों से अगवा भारतीयों को भी नुकसान हो सकता है। उन्होंने इराक में हवाई हमलों को रोकने के लिए अमरीका को राजी करने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया है। साथ ही वे चाहते हैं कि भारतीयों की रिहाई और वापसी के लिए भारत अपनी प्रक्रिया में तेजी लाए। इस मांग को लेकर अगवा युवकों के परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल दो-तीन दिन में विदेश मंत्री से दिल्ली जाकर मिलेगा।
इराक में मोसुल से आईएसआईएस आतंकवादियों द्वारा अगवा किए गए 39 भारतीयों के परिजनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। इराक में अपने दो बहनोईयों के साथ अगवा होशियारपुर के गांव छावनी कला के कमलजीत के परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है और वाहेगुरु पर पूरा विश्वास है कि वे सुरक्षित वापस आ जाएंगे और वे उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कमलजीत के भाई परमिंदर लक्की ने बताया किर उनका सरकार से आग्रह है कि अगवा भारतीयों की जल्दी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए इराक पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाएं। साथ ही अमेरिका के हवाई हमलों को तुरंत बंद करवाए।
परमिंदर ने बताया कि मंगलवार को भी अगवा युवकों में से कई की अपने परिवारों के साथ बात हुई है और सब इसी आस पर जी रहे हैं कि उनके अपने सुरक्षित लौट आएंगे।
परमिंदर का कहना था कि अब यही उम्मीद हम सब के जीने का सहारा है। हम नहीं जानते कि कैसे या कौन यह करेगा पर हम बस यही चाहते हैं कि हमारे अपने सुरक्षित वापस आ जाएं। परमिंदर के मुताबिक वह चाहते हैं कि सरकार अपने प्रयासों में तेजी लाए। इस संबंध में सरकार से अनुरोध करने के लिए जल्द ही वह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलेंगे।