फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: आयोडीन की कमी से हो सकती है थायरॉइड की समस्या, बच्चों के मानसिक विकास पर भी असर

विज्ञापन
विज्ञापन
पीजीआई डॉक्टर बोले आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें, लेकिन नमक की मात्रा न बढ़ाएं
विज्ञापन



माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शरीर को स्वस्थ रखने और थायरॉइड हार्मोन के सही उत्पादन के लिए आयोडीन बेहद जरूरी है। इसकी कमी से घेंघा, थायरॉइड हार्मोन की कमी और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में आयोडीन लेना विशेष रूप से जरूरी है। पीजीआई के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भदाडा ने विश्व आयोडीन की कमी जागरूकता दिवस पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शरीर खुद आयोडीन नहीं बना सकता, इसलिए इसकी पूर्ति भोजन के जरिए करनी होती है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करता है। यह हार्मोन शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल, तापमान नियंत्रित रखने और शारीरिक व मस्तिष्क के विकास में अहम भूमिका निभाता है।
आयोडीन युक्त नमक का करें इस्तेमाल
प्रो. भदाडा ने बताया कि आयोडीन की कमी से बचने का सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है। पर्याप्त मात्रा में इस नमक का सेवन करने वाले लोगों को आमतौर पर अलग से आयोडीन सप्लीमेंट या मल्टीविटामिन लेने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ज्यादा नमक खाना भी नुकसानदायक
उन्होंने सलाह दी कि नमक को ढक्कन वाले बर्तन में ठंडी और सूखी जगह पर रखें। खाना पकाते समय संभव हो तो नमक अंत में डालें, ताकि आयोडीन की मात्रा कम न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए नमक ज्यादा खाना सही नहीं है। अधिक नमक से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। आयोडीन की कमी के शुरुआती लक्षण आसानी से नजर नहीं आते। थायरॉइड संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें