छह हजार करोड़ के सिंथेटिक ड्रग तस्करी के कारोबार में घिरे पूर्व डीएसपी जगदीश भोला की गिरफ्तारी और इस मामले में हुए खुलासे के बाद ईडी ने सीपीएस अविनाश चंद्र से लंबी पूछताछ की। अविनाश को चौथी बार ईडी दफ्तर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मंगलवार को फिल्लौर से शिअद विधायक सीपीएस अविनाश चंद्र सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर ईडी कार्यालय पहुंचे। जांच अधिकारी निरंजन सिंह ने अविनाश से कई सवालों के जवाब मांगे। ईडी की ओर से पहले ही सारा ब्योरा तैयार किया गया था, जिसके आधार पर प्रश्नावली तैयार की गई थी। सीपीएस अविनाश का नाम उस समय आया था जब सिंथेटिक ड्रग कारोबार में घिरे गोराया से शिअद नेता गाबा परिवार के यहां इन्कम टैक्स विभाग की छापामारी हुई थी।
वहां से आयकर विभाग को डायरी मिली थी, जिसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन का जिक्र था। इस डायरी में कुछ नामों को पैन से काटा गया था, ताकि नाम पढ़ा न जा सके। ईडी ने डायरी को कब्जे में लेने के बाद इसकी जांच फोरेंसिक विभाग से करवाई तो पाया कि सीपीएस अविनाश चंद्र का नाम काटा गया था। इसके अलावा ड्रग कारोबारी गाबा परिवार के साथ अविनाश की काफी नजदीकियां पाई गई थी।
यही वजह थी कि अविनाश चंद्र को ईडी ने पहले तीन बार बुलाया था, अब चौथी बार फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद तलब किया गया है। जानकारी के मुताबिक ईडी के जांच अधिकारी निरंजन सिंह ने अपना फोकस इस बात पर ही रखा कि अविनाश चंद्र को गाबा परिवार की ओर से कितना पैसा मिला था। आखिरकार उसका नाम कई स्थानों पर काटने की वजह क्या थी।