चंडीगढ़। डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में एमबीए की पढ़ाई कर रही एक छात्रा की हत्या की गुत्थी 13 साल बाद भी नहीं सुलझ सकी है। 30 जुलाई 2010 की रात को छात्रा का शव अर्धनग्न अवस्था में सेक्टर-38 के एक टैक्सी स्टैंड के पास मिला था। लंबी जांच के बाद भी आरोपी नहीं पकड़ा गया। जनवरी 2020 में पुलिस ने जांच बंद कर अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दायर कर दी थी।टैक्सी स्टैंड के कर्मचारियों से भी पुलिस ने पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। छात्रा के दो मोबाइल फोन गायब थे। बाद में एक फोन सेक्टर-15 के एक व्यक्ति से बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि कॉलोनी नंबर पांच के एक दुकानदार से उसने वह फोन खरीदा था। दुकानदार ने बताया था कि उसे सस्ते दाम पर एक व्यक्ति ने मोबाइल बेचा था। वहीं, दूसरा फोन डंपिग ग्राउंड से बरामद हुआ था।
पिछले वर्ष जनवरी में मलोया के जंगली क्षेत्र में करीब 40 वर्षीय महिला का शव भी अर्धनग्न अवस्था में मिला था। उसके साथ भी दुष्कर्म किया गया था और खास बात थी कि एमबीए छात्रा और इस महिला के कपड़ों से एक ही व्यक्ति का सीमन मिला था। ऐसे में दोनों हत्याओं के पीछे किसी सीरियल किलर के होने की आशंका जताई गई थी।
छात्रा की हत्या के मामले में जिला अपराध शाखा 35 से 40 संदिग्धों का डीएनए सैंपल ले चुकी है, मगर किसी की रिपोर्ट मैच नहीं हुई है। वहीं मलोया में जिस जगह छात्रा की हत्या हुई थी, उसके आसपास के टॉवर लोकेशन के दायरे में उस समयकाल में आने वाले तीन हजार के लगभग मोबाइल नंबरों का डंप डाटा भी जुटाया गया। 500 लोगों से गहन पूछताछ की गई। इनमें कई रेहड़ी, ऑटो चालक और अन्य लोग शामिल थे। जेल से छूटे अपराधियों से भी पूछताछ की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस का मानना है कि 13 वर्ष पहले छात्रा की हत्या के दौरान हत्यारे की उम्र यदि 25 से 30 वर्ष होगी तो अब 35 से 45 के बीच की उम्र में उसने पिछले वर्ष दूसरी हत्या को अंजाम दिया होगा।
दुष्कर्म का पता तीन साल बाद चला था
छात्रा की हत्या के लगभग तीन वर्ष बाद सीएफएसएल, सेक्टर-36 की रिपोर्ट में साफ हुआ था कि हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। छात्रा सेक्टर-15 से ट्यूशन के बाद दोपहिया वाहन पर अपने घर जा रही थी, इसी दौरान वारदात हुई। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया और बाद में जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ था कि छात्रा के सिर पर हमला किया गया था। वहीं, उसके कपड़ों पर जो सीमन पाया गया था। इसे भी जांच के लिए सीएफएसएल भेजा गया था। हत्या वाली रात तेज बारिश के चलते अहम सुराग क्राइम स्पॉट से धुल गए थे।
दोस्तों के ब्रेन मैपिंग टेस्ट में भी कुछ नहीं मिला
पुलिस की जांच की सुई छात्रा के चार से पांच दोस्तों पर भी घूमी थी। सूत्र बताते हैं कि उनका ब्रेन मैपिंग टेस्ट भी करवाया गया था लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी। दो दोस्तों का डीएनए सैंपल भी लिया गया, उसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। एक दोस्त की ब्रेन मैपिंग के साथ गहन पूछताछ भी की गई थी। उसने छात्रा से सेक्टर-38 के टैक्सी स्टैंड के पास फोन पर शाम को आठ से साढ़े आठ के बीच फोन पर बात की थी। हत्या का समय रात साढ़े आठ से साढ़े 10 का था। उसी दोस्त ने सबसे पहले छात्रा का शव देखकर आगे सूचना दी थी। छात्रा का एक दोस्त टैक्सी स्टैंड के पास ही रहता था, जिसके पिता वकील हैं। ऐसे में उस पर भी पुलिस की शक की सुई घूमी थी।
मोबाइल बेचने वाले के अंगूठे के निशान भी जांचे
छात्रा का मोबाइल बेचने गए व्यक्ति के अंगूठे के निशान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पास भी जांच के लिए भेजे गए थे, मगर वहां भी किसी अपराधी से उनका मिलान नहीं हुआ। पोस्टमार्टम के दौरान छात्रा के निजी अंगों पर घाव पाए गए थे, मगर दुष्कर्म की पुष्टि सीएफएसएल रिपोर्ट में ही हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने सेक्टर-38 वेस्ट और आसपास की कॉलोनियों के कई नशेड़ियों, आदतन अपराधियों से सख्त पूछताछ की थी, मगर कोई सुराग नहीं लगा।