चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की तरफ से तय किए गए दाम से कम और ज्यादा वसूलने पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने विभिन्न एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर, इन-ड्राइवर, रैपिडो आदि) को नोटिस जारी किया है। नोटिस के साथ में प्रशासन की तरफ से तय किए दाम की नोटिफिकेशन भी भेजी गई है। कहा गया है कि वह नियमों का सख्ती से पालन करें, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसटीए को कई शिकायतें मिली थी कि एग्रीगेटर कंपनियां पीक समय में किराए को बढ़ा देती हैं, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है। उधर, टैक्सी व कैब चालकों की भी शिकायत है कि कंपनियां कई बार दाम इतने कम कर देती हैं जिससे टैक्सी का किराया ऑटो के बराबर हो जाता है और चालकों को काफी नुकसान होता है लेकिन मजबूरी में उन्हें गाड़ी चलानी पड़ती है। इस संबंध में कैब चालकों कई बार प्रदर्शन भी किया है। एसटीए द्वारा कंपनियों को पहले भी कई नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार एसटीए के नोटिस का इन कंपनियों पर कोई असर पड़ता है। दरअसल, मोबाइल एप्लीकेशन बेस्ड यह कंपनियां प्रशासन के कई दिशा निर्देशों को नहीं मानती है, जिसकी वजह से चालक और ग्राहक दोनों को परेशानी होती है लेकिन पूरे देश में इनका नेटवर्क फैला होने की वजह से स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाता। इस वजह से ही पिछले काफी समय से यह मनमानी चल रही है।
अधिक किराया लेने वाले चालकों की यहां कर सकते हैं शिकायत
चंडीगढ़ प्रशासन ने यूटी चंडीगढ़ में कैब के लिए अधिकतम किराया दर 34 रुपये प्रति किलोमीटर तय की है। यदि कोई कैब ऑपरेटर/कंपनी अधिक किराया वसूलती है तो एसटीए कार्यालय से टेलीफोन नंबर 0172-2700159 या ईमेल sta18-chdnic.in पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। यदि कोई कैब ऑपरेटर गलत रूट या लंबा रूट लेता है तो यात्री पैनिक बटन दबा सकता है और तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर सकता है। इसके साथ ही सभी लोगों को हिदायत दी गई है कि वह सभी पीली नंबर प्लेट वाली टैक्सियों में ही सफर करें। अगर कोई व्यक्ति सफेद नंबरप्लेट की कैब-टैक्सी में सफर करेगा तो चालक के साथ सवारी का भी चालान कटेगा।