प्रसादम के तौर पर मिलेंगे बेसन के लड्डू
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता महोत्सव से प्रसादम की शुरुआत की गई है। इसके तहत बेसन के लड्डू दिए जाएंगे। उन्होंने कहा- गीता जयंती मनाने की शुरुआत वर्ष 1989 से की गई थी। गीता उपदेश शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को दिया था, जो आज भी पूरी दुनिया में प्रासंगिक है। इस उपदेश को 5161 वर्ष पूरे हो गए हैं और 34 देशों ने इसे अपनाया है।
तंजानिया में रहते हैं 60 हजार हरियाणवी : उच्चायुक्त
गीता महोत्सव में भागीदारी देश तंजानिया की भारत में नियुक्त उच्चायुक्त अनीसा के. मबेगा ने कहा कि हरियाणा भारत व तंजानिया सामाजिक, आर्थिक व सामाजिक रिश्ते प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हरियाणा के 60 हजार से अधिक लोग तंजानिया में रहते हैं। तंजानिया में हरियाणवी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम साझा तौर पर मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में तंजानिया का भागीदारी देश होना दर्शाता है कि संस्कृति लोगों को कैसे एकजुट करती है। वहीं, ओडिशा के भाषा, साहित्य और संस्कृति राज्य मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि हरियाणा गीता की भूमि है, जबकि ओडिशा महाप्रभु जगन्नाथ की भूमि है, जिन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव ओडिशा को हरियाणा के साथ अपनी समृद्ध संस्कृति, विरासत, लोक नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान और साझा करने का मंच प्रदान करेगा।