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Chandigarh: कुरुक्षेत्र में 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, तंजानिया भागीदार राज्य

Fri, 22 Nov 2024 07:42 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

28 नवंबर से 15 दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर हर दिन गीता महाआरती का आयोजन होगा। पांच दिसंबर को ब्रह्मसरोवर पर गीता यज्ञ एवं पूजन से इस महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी - फोटो : X @NayabSainiBJP
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विस्तार
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9वां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। 18 दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 5 से 11 दिसंबर तक चलेंगे। इनकी शुरुआत 5 दिसंबर को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में गीता यज्ञ एवं पूजन के साथ होगी। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया सहयोगी देश और ओडिशा सहयोगी राज्य होगा। चंडीगढ़ में सीएम नायब सिंह सैनी, तंजानिया की उच्चायुक्त अनीशा कपुफी मोबेगा और ओडिशा के संस्कृति राज्य मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने साझा प्रेसवार्ता में गीता महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

सीएम सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में हर समस्या का समाधान निहित है। यह एक ऐसा पवित्र ग्रंथ है, जिसको दुनिया के बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों ने अपनी प्रेरणा माना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार का उद्देश्य है कि गीता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। साल 2016 से लगातार इस महोत्सव को अपार सफलता और लोकप्रियता मिली है। लाखों लोग देश विदेश से इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भाग लेने के लिए पहुंचते हैं। पिछले वर्ष लगभग 45 से 50 लाख लोगों ने गीता महोत्सव में हिस्सेदारी की थी। इस बार भी लाखों लोगों के यहां पहुंचने की उम्मीद है।
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इस प्रकार होंगे प्रमुख कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक ब्रह्म सरोवर के पावन तट पर हर दिन भव्य गीता महाआरती का आयोजन होगा। 28 नवंबर से 11 दिसंबर तक 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 5 दिसंबर को ब्रह्मसरोवर पर गीता यज्ञ एवं पूजन से इस महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। इसी दिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन-दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी’ का आयोजन होगा। 9 दिसंबर को पुरुषोत्तमपुरा बाग में संत सम्मेलन का आयोजन होगा। 10 दिसंबर को ब्रह्म सरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। गीता जयंती के दिन 11 दिसंबर को ज्योतिसर तीर्थ पर गीता यज्ञ एवं भागवत कथा का आयोजन होगा।

15 दिसंबर तक सरस मेले का भी होगा आयोजन
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक शिल्प एवं सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें तंजानिया और ओडिशा की संस्कृति व शिल्पकारों की कलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, सभी जिला मुख्यालयों पर 9 से 11 दिसंबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए बस सेवा की भी शुरुआत की जाएगी।

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प्रसादम के तौर पर मिलेंगे बेसन के लड्डू
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता महोत्सव से प्रसादम की शुरुआत की गई है। इसके तहत बेसन के लड्डू दिए जाएंगे। उन्होंने कहा- गीता जयंती मनाने की शुरुआत वर्ष 1989 से की गई थी। गीता उपदेश शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को दिया था, जो आज भी पूरी दुनिया में प्रासंगिक है। इस उपदेश को 5161 वर्ष पूरे हो गए हैं और 34 देशों ने इसे अपनाया है।

तंजानिया में रहते हैं 60 हजार हरियाणवी : उच्चायुक्त
गीता महोत्सव में भागीदारी देश तंजानिया की भारत में नियुक्त उच्चायुक्त अनीसा के. मबेगा ने कहा कि हरियाणा भारत व तंजानिया सामाजिक, आर्थिक व सामाजिक रिश्ते प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हरियाणा के 60 हजार से अधिक लोग तंजानिया में रहते हैं। तंजानिया में हरियाणवी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम साझा तौर पर मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में तंजानिया का भागीदारी देश होना दर्शाता है कि संस्कृति लोगों को कैसे एकजुट करती है। वहीं, ओडिशा के भाषा, साहित्य और संस्कृति राज्य मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि हरियाणा गीता की भूमि है, जबकि ओडिशा महाप्रभु जगन्नाथ की भूमि है, जिन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव ओडिशा को हरियाणा के साथ अपनी समृद्ध संस्कृति, विरासत, लोक नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान और साझा करने का मंच प्रदान करेगा।

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