यहां पर देश के विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश की वेशभूषा में सुसज्जित होकर लोक नृत्यों पर झूमकर दूर-दराज से आए मेहमानों और पर्यटकों का कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पहुंचने पर खुशी का इजहार किया। इसके पश्चात राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, सीएम मनोहर लाल, स्वामी ज्ञानानंद, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, हिमाचल के विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, नेपाल के डिप्टी हाई कमिश्नर भारत कुमार रेगमी, जिम्बाव्बे के प्रोटोकॉल अधिकारी ने ब्रह्मसरोवर के पवित्र जल का आचमन कर पूजा अर्चना की और पवित्र ग्रंथ गीता पर पुष्प अर्पित कर पूजन किया।
इसके पश्चात उन्होंने गीता पूजन के बाद वेद पाठाशाला के विद्यार्थियों और विद्वानों द्वारा श्लोकोच्चारण के बीच गीता यज्ञ में पूर्णाहुति डालकर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2019 का शुभारंभ किया। इसके पश्चात सभी मेहमानों ने हरियाणा पैवेलियन का अवलोकन किया, सभी मेहमानों ने इस पैवेलियन में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत के दर्शन किए और हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद भी चखा।
इसके पश्चात अतिथियों ने जन संपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई गई राज्यस्तरीय प्रदर्शनी, हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी और उत्तराखंड के पैवेलियन का उद्घाटन किया और मेहमानों ने उत्तराखंड पैवेलियन का अवलोकन किया और इस पैवेलियन में सभी मेहमानों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोक नृत्य का आनंद लिया।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 3 से 8 दिसंबर तक चलेगा। महोत्सव में 18 हजार विद्यार्थियों के साथ वैश्विक गीता पाठ, वाटर लेजर शो उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला द्वारा विभिन्न राज्यों के कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, विराट संत सम्मेलन, ब्रह्मसरोवर की महाआरती, गीता शोभा यात्रा आदि मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे।