अंतरराष्ट्रीय शेफ दिवस पर पीयू के यूनिवर्सिटी ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (यूआईएचटीएम) की ओर से कार्यक्रम हुआ, जिसमें एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अतिथियों ने बताया कि शेफिंग के लिए स्वस्थ भोजन बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का शुभारंभ यूआईएचटीएम के निदेशक डॉ प्रशांत गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उसके बाद उन्होंने सभी शेफ का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि इस साल की थीम का उद्देश्य बच्चों को उनके पेशे के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करना है, जब वे बड़े होते हैं, तो स्वस्थ भोजन खाने में उन्हें मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को स्वस्थ खाने के बारे में सिखाने के लिए इस अवसर का उपयोग करना चाहते हैं, ताकि उन्हें भोजन के साथ रचनात्मकता का भी ज्ञान हो। शेफ के इनपुट, शिक्षा और सहायता के साथ बच्चे स्वस्थ खाद्य पदार्थों से व्यंजन बनाने में समक्ष होंगे।
उन्होंने बताया कि अब समय आ गया है कि शेफ को भोजन के पौष्टिक पहलुओं को बनाए रखने के साथ-साथ खाद्य अपशिष्ट को रोकने पर अधिक आक्रामक तरीके से काम करना चाहिए। इस मौके पर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि होटलों की रसोईघर में 55 फीसदी भोजन बर्बाद कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि पीयू स्टाफ क्लब के सहयोग से स्वस्थ भोजन पर कुछ प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। शेफ जसविंदर सिंह ने दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। सभी शेफ पैनल ने बताया कि शेफ आतिथ्य उद्योग की प्रमुख रीढ़ हैं। इस मौके पर शेफ सुनील आर्य, शशांक आनंद, सुनी गर्ग, ज्योतिबीर, प्रशांत रोहिला, शाहजहां आदि मौजूद रहे।