हरियाणा सरकार के डॉ. मंगल सेन और पंजाब सरकार के भगत सिंह के नाम के बाद लाजपत राय के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने की मांग हुई है। ऐसा कहना है पंजाब के उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल का। उन्होंने सरकार को महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के नाम पर इस एयरपोर्ट के नामकरण की मांग की है।
मित्तल के मुताबिक अंग्रेजी हुकूमत हिला कर रख देने वाली वाली महान स्वतंत्रता सेनानियों की तिकड़ी लाल, बाल और पाल (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चंद्र पाल) को आजादी के करीब सात दशक बाद भी उचित सम्मान नहीं मिला है। अब जबकि सरकार लाला की 150वीं जयंती वर्ष मना रही है, तब उनके महान योगदान हमेशा के लिए अमर बनाने के लिए उन्हीं के नाम पर एयरपोर्ट होना चाहिए। गौरतलब है कि इस हवाई अड्डे का प्रवेश द्वार मोहाली (पंजाब) में है तो हवाई पट्टी केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में है।
पंजाब भवन में अमर उजाला से बातचीत करते हुए मित्तल ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी लाजपत राय के योगदानों और बलिदान को हमेशा याद रखे जाने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि साइमन कमीशन के विरोध में अंग्रेजों की लाठियां खाने से शहीद होने के बाद देश में स्वतंत्रता सेनानियों की मजबूत पीढ़ी सामने आई। इनमें महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह भी शामिल थे।
सच्चाई यह है कि इतने बड़े स्वतंत्रता सेनानी की यादों को संजोने के लिए आजादी के इतने साल बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की गई। हालत यह है कि इतने सालों बाद भी उनकी एक यादगार नहीं बनाई गई। लाला लाजपत राय जयंती वर्ष 28 जनवरी को खत्म हो रहा है। ऐसे में सरकार को इससे पहले ही चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नामकरण लाजपत राय के नाम पर कर देना चाहिए।