आम आदमी पार्टी में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब नगर निगमों और काउंसिलों के चुनाव आने वाले हैं। उनमें गुटबाजी और बढ़ने के आसार हैं। आप की पंजाब इकाई में पिछले दिनों गुटबाजी खुल कर सामने आ गई थी। जब छह विधायकों ने अदालत द्वारा नशा तस्करी के मामले में सम्मन जारी किए जाने के बाद सुखपाल खैरा को नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने को कह दिया था।
माना जाता है कि दिल्ली के नेताओं की लॉबी की शह पर खैरा का इस्तीफा मांगा गया था, क्योंकि तेजतर्रार खैरा इस लॉबी को रास नहीं आ रहे थे। हालांकि, बाकी विधायक खैरा के साथ आ गए थे। इसके बाद खैरा ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया, लेकिन चार विधायक उसमें भी नहीं पहुंचे थे। ऊपरी तौर पर खैरा न यह संदेश देने की कोशिश की कि सब कुछ ठीक है। इसी बीच एक और विवाद हो गया। दिल्ली में जबरदस्त धुंध छा गया। इसी दौरान खैरा का एक पुराना विडियो वायरल हो गया, जिसमें वे विरोध स्वरूप किसानों के साथ पराली जला रहे हैं। हालांकि यह सांकेतिक था, लेकिन पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने खुलेआम इसके लिए खैरा को गलत ठहरा दिया।
इसके बाद खैरा ने एक चैनल के कार्यक्रम फिर कहा कि अगर दोबारा जरूरत पड़ी तो वह किसानों के साथ मिल कर फिर पराली जलाएंगे। यह वही चैनल है, जिसका आप ने बायकॉट कर रखा है। पार्टी का कोई भी प्रवक्ता उस चैनल पर नहीं जाता है, लेकिन खैरा उसके कार्यक्रम में शामिल हुए। अब पार्टी की खींचतान और बढ़ने जा रही है। नगर निगम और काउंसिलों केचुनाव सिर पर हैं। लुधियाना नगर निगम चुनाव के लिए आप की साझीदार लोक इंसाफ पार्टी ने सभी सीटों पर दावा ठोंक दिया है। बैंस ब्रदर्स का कहना है कि लुधियाना में वे ही सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे।