हरियाणा में मिलावटी शराब के कारोबारियों ने चंडीगढ़ को भी अपनी जद में ले लिया है। अंबाला में पकड़े गए 25 हजार लीटर के टैंकर से 75 हजार लीटर मिलावटी शराब बनाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई की जाती थी। 25 हजार लीटर ईएनए (एक्स्ट्रा लीटर अल्कोहल) से तैयार होने वाली मिलावटी शराब चंडीगढ़ के बाटलिंग प्लांट में तैयार कर उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और अरुणाचल प्रदेश में सप्लाई की जाती थी। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। जिसका मुख्य सरगना पार्थ शर्मा और सतबीर सिंह सत्ता है।
अंबाला में पकड़े गए ईएनए टैंकर की जांच के बाद यह खुलासा हुआ है। यह ईएनए ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से लाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने ग्वालियर डिस्टलरी के प्रोडक्शन मैनेजर राजकिशोर दुबे को भिंड से और चंडीगढ़ की डिस्टलरी के मैनेजर अतुल को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अंबाला शहर निवासी पार्थ शर्मा को बनारस (यूपी) और चंडीगढ़ इकाई के मालिक उदयपाल सिंह को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरेपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।
इससे पहले भी यह ईएनए ग्वालियर से कई बार अवैध तौर पर लाकर चंडीगढ़ में मिलावटी शराब तैयार करवाई उपरोक्त सभी राज्यें को भेजी गई है। आरोपी भारी मात्रा में टैक्स चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे थे।
आईजी कर रहीं मामले की निगरानी
अंबाला रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने कहा कि मैं स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रही हूं। अवैध तरीके से शराब बनाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
यह मिलावटी शराब का अवैध कारोबार करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह है। जिसका खुलासा हुआ है। पता चला है कि टैंकर के मालिक के पास पहले एक टैंकर था, इस अवैध कारोबार के जरिए उसने 60 टैंकर बना लिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह काम कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था। मैंने पुलिस ने इसकी तह में जाने के लिए कहा है।
-अनिल विज, गृह मंत्री हरियाणा