सड़क दुर्घटना में अपनी दाई आंख गवां चुके एक व्यक्ति ने जब बीमा कंपनी से प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत क्लेम मांगा तो कंपनी ने इंकार कर दिया। पीड़ित ने फोरम का दरवाजा खटखटाया, जहां दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम ने बीमा कंपनी को दोषी करार देते हुए पॉलिसी के तहत एक लाख रुपये की क्लेम राशि जारी करने के आदेश दिए। 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देने के आदेश दिए हैं।
डेराबस्सी निवासी अरविंद कुमार ने फोरम में सेक्टर-34ए स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2015 में सरकार की तरफ से एक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना नाम से स्कीम लांच की गई थी, जिसे उसने खरीदा। 26 सितंबर 2017 को उसका उस समय एक्सीडेंट हो गया।
जब वह जीरकपुर से घोलूमाजरा के लिए अपने होंडा मोटर बाइक पर जा रहा था। इस एक्सीडेंट में कई चोटें आईं और वह अपनी दाहिनी आंख की पूरी तरह से रोशनी खो बैठे। शिकायतकर्ता ने कंपनी के समक्ष अपना क्लेम दाखिल किया, लेकिन बीमा कंपनी ने उनको क्लेम देने से इंकार कर दिया।