आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने आरोप लगाया कि फसल बीमा योजना एक घोटाला है। किसानों के नाम पर निजी बीमा कंपनियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं। यह राशि निजी बीमा कंपनियों के बजाए सीधे किसानों को दी जाती तो किसानों की स्थिति में सुधार होता। 12 सितंबर की उनकी आरटीआई के जवाब में बीते 14 अक्टूबर को भेजे पत्र के जरिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की अधिकारी कामना आर शर्मा ने सूचना मुहैया कराई है।
हरियाणा में किसानों को भायी योजना
हरियाणा में दो वर्ष में बीमाकृत किसानों की संख्या में 15,228 की वृद्धि हुई है। जहां वर्ष 2016-17 में बीमाकृत किसानों की कुल संख्या 13,36,028 थी, वहीं वर्ष 2017-18 में यह बढ़कर 13,51,256 हो गई। वर्ष 2016-17 में किसानों से कुल 364.39 करोड़ रुपये प्रीमियम राशि वसूल कर कुल 292.55 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि दी गई। वर्ष 2017-18 में बीमा कंपनियों ने कुल 453 करोड़ रुपये का प्रीमियम वसूला, जबकि किसानों को मुआवजे में 358 करोड़ रुपये प्रदान किए।