पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग को 80 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी करने के लिए वित्त विभाग को आदेश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य विभागों के बजट में कटौती करके शिक्षा के लिए और फंड उपलब्ध कराने की इच्छा भी दोहराई है। मुख्यमंत्री ने यह फैसला वीरवार दोपहर अपने सरकारी निवास पर अध्यापकों के एक ग्रुप के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए लिया। इस ग्रुप में वह प्रिंसिपल, मुख्याध्यापक, स्कूलों के प्रशासक शामिल थे, जिनके विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में उच्च दर्जें की उपलब्धियां हासिल की हैं।
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटियाला की प्रिंसिपल किरण जीत कौर के नेतृत्व में अध्यापकों के इस ग्रुप ने बैठक से पहले शिक्षा मंत्री को स्कूली शिक्षा संबंधी अपनी सिफारिशें भी पेश की। विभिन्न सुझावों और ग्रुप से प्राप्त हुई जानकारी पर विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य की शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प करते हुए फंडों की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने स्कूली बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए विस्तृत स्कीम तैयार करने के लिए स्कूल विभाग के सचिव को निर्देश दिए, जिससे इसके लिए जरुरी फंड उपलब्ध करवाए जा सकें।
उन्होंने पंजाब के एनआरआईज से अपील की कि वह राज्य सरकार की कोशिशों के समर्थन में आगे आएं और योगदान दें। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्ष के बीच अध्यापकों के तबादले न किये जाएं। उन्होंने इस सुझाव पर भी सहमति व्यक्त की कि प्रमुख सचिव एक अलग प्रांतीय प्रशिक्षण काडर तैयार करें।
मुख्यमंत्री ने केरल और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में अध्यापकों के स्टडी टूर आयोजित कराने का भी सुझाव दिया। बैठक में शिक्षा मंत्री ओपी सोनी, मुख्यमंत्री के सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार और राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल उपस्थित थे।