पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी ने रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के साथ मानसिक स्वास्थ्य और हैप्पीनेस विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू किया है। इस समझौते के तहत यूनिवर्सिटी परिसर में रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर वाइस-चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने कहा कि तेज रफतार वाले जीवन में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में संस्थाओं का तालमेल बेहद आवश्यक है और यह एमओयू इसी सहयोग का उदाहरण है जिससे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। डीन, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स प्रो. दमनजीत संधू ने बताया कि रेखी फाउंडेशन वर्कशॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, पाठ्यक्रम मार्गदर्शन, इंटर्नशिप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए वित्तीय मदद देगा। पंजाबी यूनिवर्सिटी अकादमिक मैनेजमेंट, बुनियादी ढांचे और हैप्पीनेस साइंस से जुड़े कोर्स लागू करने की जिम्मेदारी संभालेगी।
फाउंडेशन पहले ही छह देशों के 80 से अधिक संस्थानों में हैप्पीनेस के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू कर चुका है। भारत में पहला सेंटर 2016 में आईआईटी खड़गपुर में स्थापित किया गया था। दिल्ली यूनिवर्सिटी, आईआईटी मद्रास, आईआईटी दिल्ली, एम्स दिल्ली और आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी इस पहल के तहत हैप्पीनेस कोर्स वैल्यू-एडेड अकादमिक प्रोग्राम के रूप में शामिल किया गया है। इस मौके पर डीन अकादमिक मामले प्रो. जसविंदर सिंह बराड़, रजिस्ट्रार प्रो. दविंदरपाल सिंह सिद्धू, डीन रिसर्च प्रो. रितु लेहल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।