जस्टिस रणजीत सिंह आयोग द्वारा बेअदबी मामले में आरोपी बनाए गए मोगा के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए पंजाब सरकार को 21 मई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने सीनियर एडवोकेट जेएस बेदी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उस पर आरोप है कि उसने तत्कालीन एसएसपी चरणजीत शर्मा के निर्देश पर गोली चलाई थी और गोली कृष्ण भगवान को लगी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
याचिकाकर्ता ने बताया कि इस मामले के शिकायतकर्ता ने अपने पहले के तीन बयान में उसका नाम तक नहीं लिया था। मामले की जांच के लिए पिछली सरकार की ओर से गठित जस्टिस जोरा सिंह जांच आयोग की रिपोर्ट में भी उसका नाम नहीं था। बाद में गठित जस्टिस रंजीत सिंह आयोग के सामने जब बेअंत सिंह ने बयान दिए तो उसमें याचिकाकर्ता का नाम लिया गया।
याची ने बताया कि उसे तत्कालीन एसएसपी चरणजीत शर्मा का रीडर बताया गया है, जबकि वह उस समय मोगा के ईओडब्ल्यू का इंचार्ज था। मामले में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की ओर से आरोपी बनाए गए अन्य अधिकारियों सहित हाईकोर्ट में आयोग की इस सिफारिश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिकाएं खारिज कर एसआईटी को रिपोर्ट की सिफारिश से प्रभावित न हो वैज्ञानिक सबूतों और तथ्यों के आधार पर जांच के आदेश दे दिए थे।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। अब याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर की है।