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Kisan Andolan: शंभू बॉर्डर पर कैसे मचा बवाल... पहले चेतावनी दे रही पुलिस को क्यों दागने पड़े आंसू गैस के गोले

Tue, 13 Feb 2024 05:39 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मांगों के लिए पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच का एलान किया था। उन्हें रोकने के लिए 2020 के किसान आंदोलन से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त प्रबंध किए, ताकि किसान आगे न बढ़ सकें। सीमेंट की बैरिकेडिंग लगाकर इनके बीच बजरी डाली गई है, ताकि इन्हें आसानी से तोड़ा न जा सके। भारी पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती की गई है। 
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शंभू बॉर्डर पर बवाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए अंबाला में शंभू बार्डर पर पहुंचे किसानों व पुलिस के बीच मंगलवार को जबरदस्त टकराव हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले सैकडों की गिनती में जुटे किसानों को खदेड़ने के लिए हरियाणा पुलिस प्रशासन की ओर से ड्रोन के जरिये आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जिससे एकदम से भदगड़ मचने से कईं किसान घायल हो गए, जबकि बड़ी गिनती में किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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जवाब में किसानों ने पुलिस पर पथराव किया। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों से टक्कर मार कर कुछ बैरिकेड भी इस दौरान तोड़ दिए। नदी के किनारे ऊंचे करने के लिए लगाई रेलिंग को भी किसानों ने तोड़कर पानी में फेंक दिया। 
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पुलिस की ओर से पूरे दिन में कईं बार किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़़े गए। इससे पहले मंगलवार सुबह पंजाब के विभिन्न हिस्सों से ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले के साथ किसान बड़ी गिनती में शंभू बार्डर के लिए रवाना हुए। इस दौरान हाईवे व प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

ऐसे शुरू हुआ हंगामा

एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत अन्य कईं मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए मंगलवार को शंभू बार्डर पर पहुंचे किसानों को हरियाणा पुलिस की तरफ से सुबह 11.45 बजे चेतावनी दी गई कि धारा 144 लागू है, इसलिए बड़ी गिनती में एक साथ इकट्ठा न हो। किसान नहीं माने। जैसे ही उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने कईं किसानों को गिरफ्तार कर लिया। फिर भी किसान नहीं माने, तो ड्रोन के जरिये आंसू गैस के गोले दागे गए।

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इस एक्शन से किसानों में एक बार के लिए तो भगदड़ मच गई। इस दौरान कईं किसान घायल भी हुए, परंतु जवाब में भड़के किसानों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। किसानों ने इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रालियों से मल्टी बैरिकेडिंग में से दो बैरिकेड को भी तोड़ दिया। यह सब देखकर पुलिस ने करीब 12.30 बजे दोबारा आंसू गैस के गोले छोड़े।

किसानों ने इस बार धुएं से बचने के लिए गीली बोरियां इन गोलों पर डालनी शुरू कर दी। इसके बाद लगातार टकराव होता रहा। किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे और पुलिस उन पर आंसू गैस के गोले दागती रही। हर तरफ फैल रहे धुएं से किसान बेहाल हो रहे थे, लेकिन वह आगे बढ़ने पर अड़े रहे।  हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर कर्मचारियों की संख्या में भी वृद्धि कर दी है। किसानों का कहना है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी व अन्य मांगों को मनवा कर ही वह वापस लौटेंगे।

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