इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने राज्यसभा की सीट के लिए चुनाव की मतगणना के बाद हरियाणा के पूर्व सीएम हुड्डा पर निशाना साधा।
हरियाणा विधानसभा में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मतदान में कांग्रेस की भूमिका से पूरी तरह साफ हो गया है कि हरियाणा की कांग्रेस, भाजपा सरकार की बी टीम है। इससे यह भी साफ हो गया कि हुड्डा की अगुवाई में कांग्रेस ने पूरी तरह से भाजपा के साथ अंदरूनी समझौता कर लिया था। इसी समझौते के तहत कांग्रेसी विधायकों ने अपने 14 वोट रद करवाए, ताकि भाजपा समर्थित प्रत्याशी की जीत तय हो।
अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि सीबीआई के डर से भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार के आगे सरेंडर किया है। इनेलो नेता ने कहा कि दिखावे के लिए तो कांग्रेस ने आरके आनंद का समर्थन करने का निर्णय लिया और कांग्रेस पर्यवेक्षक भी लगाए गए। लेकिन हमें पहले से ही शक था कि पैसे के बल पर कांग्रेसी खेमे के वोटों को खरीदा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने आरके आनंद को वोट देने का निर्णय लिया।
बावजूद इसके कांग्रेसी विधायकों ने जानबूझ कर वोट रद कराने की पहल की। इसके लिए कहीं वोट डालते समय निशान लगाने वाला पेन बदल दिया, तो कहीं मत-पत्र खाली छोड़ दिए, ताकि उनके वोट रिजेक्ट हो जाएं। सही मायने में भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा को जीत दिलाने के लिए ऐसा किया गया।
पेन के गलत इस्तेमाल से हारे आनंद
नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि दिखावे के लिए तो कांग्रेस विधायकों ने आरके आनंद को वोट डाले, लेकिन निर्धारित पेन की बजाय दूसरे पेन का इस्तेमाल किया गया। इससे वोट रद हो और हाईकमान से यह कहा जा सके कि आरके आनंद को ही वोट दिए गए थे।
वास्तव में उनकी मंशा आरके आनंद को जीत दिलाने की बजाय भाजपा को फायदा पहुंचाने की थी। वोट करने से पहले गेट पर ही पेन के इस्तेमाल को लेकर एक पोस्टर भी लगाया गया था, जिसमें पेन के इस्तेमाल को लेकर निर्देश दिए गए थे। वहां मोबाइल सहित अन्य गैजेट्स ले जाने पर भी प्रतिबंध था।