एसवाईएल को लेकर इनेलो ने फिर से 'युद्ध' छेड़ दिया है। शंभू बॉर्डर पर कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं और नेशनल हाइवे पूरी तरह से जाम है। एसवाईएल पर राजनीति गरमाने लगी है। एक तरफ इनेलो आरपार की लड़ाई को अड़ी है, दूसरी ओर पंजाब हरियाणा पुलिस और सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है।
हजारों की संख्या में इनेलो कार्यकर्ता सवेरे ही हरियाणा-पंजाब बार्डर पर पहुंच गए थे, लेकिन कड़े सुरक्षा प्रबंधों के कारण वह आगे नहीं जा पाए। पुलिस ने इनेलो कार्यकर्ताओं को बैरियर के पास ही रोक दिया तो वे सभी हाइवे के बीचोंबीच बैठ गए। बता दें कि शंभू बैरियर पर इस समय इनेलो प्रमुख दुष्यंत चौटाला समेत 300 कार्यकर्ता मौजूद हैं।
दोनों राज्यों की पुलिस बॉर्डर पर तैनात
पंजाब और हरियाणा बॉर्डर पर टेंशन का माहौल
दूसरी ओर, बॉर्डर पर हरियाणा सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां तैनात कर रखी हैं। पंजाब ने भी 30 कंपनियां तैनात की हैं। दोनों राज्यों की बसों को एक-दूसरे की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
एडीजीपी हरियाणा आरसी मिश्रा ने हरियाणा पंजाब बॉर्डर का दौरा करके सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। 500 पुलिसकर्मी और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात है। पंजाब के एसएसपी, डीएसपी, डीसी, एसडीएम राजपुरा मौके पर मौजूद हैं। पंजाब की बसों की आवाजाही बंद है और बैरियर भी पूरी तरह से बंद है।
इनेलो ने सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक हरियाणा और पंजाब के बार्डर पर पांच जगह चक्का जाम का आह्वान किया है। इनेलो शंभू बैरियर, लालड़ू, बैरियर, टोहाना, डबवाली और दाता सिंगावाला बार्डर जाम लगाएगी।
दोनों राज्यों की सरकारों पर इनेलो का युद्ध ‘बेअसर’
पंजाब और हरियाणा बॉर्डर पर टेंशन का माहौल
दूसरी ओर, पंजाब हरियाणा की सरकारों पर इनेलो का युद्ध ‘बेअसर’ है। हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इंतजार है। इस इंतजार से बाहर जाने को सरकार तैयार नहीं है। पंजाब सरकार भी हरियाणा को पानी देने को तैयार नहीं है।
इनेलो ने अपने इस जलयुद्ध पार्ट टू का आह्वान इसलिए लिया है कि वे पंजाब और हरियाणा पर एसवाईएल का पानी हरियाणा को दिलवाने पर दबाव बना सके, लेकिन हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का दावा है कि रास्ता रोकने व नहर खोदने से पानी नहीं मिलेगा।
पंजाब के सीएम भी कह चुके हैं जब एसवाईएल को लेकर जलसमझौता हुआ था, तब पंजाब में पानी की स्थिति कुछ और थी और आज कुछ और, इसलिए पानी देना संभव नहीं है।