एसवाईएल पर राजनीति गरमाने लगी है। एक तरफ इनेलो आरपार की लड़ाई को अड़ी है, दूसरी ओर पंजाब हरियाणा पुलिस और सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है। इस बार फिर टकराव के आसार बने हुए हैं और इनेलो बॉर्डर पर नाका लगाने जा रही है। इसी के मद्देनजर इनेलो सोमवार को अंबाला, जींद, सिरसा और फतेहाबाद में पंजाब सीमा पर चक्का जाम कर पड़ोसी राज्य से कोई भी वाहन हरियाणा में नहीं आने देगा। चंडीगढ़-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लालड़ू में भी यही हाल रहेगा।
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वहीं हरियाणा सरकार ने यातायात सुचारू रखने के लिए केंद्र सरकार से मिलीं अर्धसैनिक बलों की चार कंपनियां तैनात कर दी हैं। वहीं जाम के मद्देनजर पंजाब में पटियाला, संगरूर और बठिंडा जिले में रूट डायवर्ट का प्लान जारी कर दिया गया है। पार्टी के मुताबिक पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन विभाग के वाहनों को नहीं रोका जाएगा।
अंबाला में शंभू बैरियर, फतेहाबाद में टोहाना बॉर्डर, सिरसा में डबवाली बॉर्डर और जींद में नरवाना के पास खन्नौरी दाता सिंगलावाला बॉर्डर पर इनेलो नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता चक्का जाम करेंगे। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला शंभू बॉर्डर पर चक्का जाम की शुरुआत कर बाकी जगह हवाई सर्वेक्षण के जरिए नजर रखेंगे।
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लालड़ू बॉर्डर पर मौजूद रहेंगे अभय चौटाला
एसवाईएल लड़ाई
लालड़ू बार्डर पर आंदोलन की कमान नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला और प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा संभालेंगे। खन्नौरी दाता सिंगावाला बार्डर पर इनेलो विधायक परमिंदर ढुल, विधायक पृथ्वी सिंह, विधायक हरीचंद मिड्डा, पूर्व विधायक कलीराम व सूरजभान, टोहाना बार्डर पर विधायक बलवान सिंह दौलत पुरिया, प्रोफेसर रविंद्र बलियाला, पूर्व विधायक निशान सिंह, डबवाली बार्डर पर सांसद चरणजीत रोड़ी, दुष्यंत चौटाला व सिरसा के सभी इनेलो विधायक आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
जाम के बाद बनेगी अगली रणनीति
इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पंजाब सीमा पर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक प्रदर्शन करेंगे। दोनों राज्यों की सरकारों पर एसवाईएल निर्माण के लिए दबाव बनाया जाएगा। ये जाम सिर्फ सांकेतिक होगा, इसके बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
टकराव के आसार
पंजाब बॉर्डर सील करने के दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं और पुलिस बल में टकराव के आसार हैं। पंजाब सरकार ने पहले ही चेतावनी दी है कि इनेलो हरियाणा की सीमा में ही प्रदर्शन करे। पंजाब में आने पर सख्ती से निपटा जाएगा। बॉर्डर पर वाहन रोकने के दौरान पुलिस से इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अर्ध सैनिक बलों की चार कंपनियां तैनात होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
बॉर्डर से पहले रोकने की तैयारी
हरियाणा पुलिस और अर्ध सैनिक बल इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं को पंजाब बॉर्डर पर चक्का जाम से रोकेंगे। चारों जिलों में अर्धसैनिक बलों के साथ भारी संख्या में पुलिस तैनात की जा चुकी है। सरकार की योजना इनेलो को बॉर्डर तक न पहुंचने देने की है। पंजाब और हरियाणा के गृह सचिव व डीजीपी पहले ही संयुक्त रणनीति बना चुके हैं।
नहर खोदने पंजाब जा रहे इनेलो नेता गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) मुद्दे पर इनेलो की चेतावनी की वजह से पंजाब-हरियाणा की सीमा पर उत्पन्न होने वाले हालात को देखते हुए दोनों राज्यों की पुलिस ने हाथ मिला लिया है। पंजाब के वाहनों को हरियाणा में घुसने से रोकने के ऐलान के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से दोनों राज्यों की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हालांकि यह चौकसी रविवार देर शाम के बाद बढ़ाई गई। इससे पूर्व शम्भू बैरियर पर पंजाब और हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अफसरों के बीच साझा बैठक भी की गई है।
इससे निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र से सुरक्षा बलों के 10 कंपनी जवानों को उपलब्ध कराने की मांग की थी। इनेलो की चेतावनी के बावजूद रविवार को शम्भू बैरियर के नाकों पर पूरे दिन पुलिस की तैनाती नदारद रही। इतना ही नहीं पंजाब-हरियाणा सीमा से लगते सरहदी गांव कपूरी, सराला, लाछड़ू, जमीतगढ़, झाड़ूआ, कुर्बानपुर, सुलर, इस्माइल पुर, कॉमी कलां, सैणी माजरा, बीडिग़ां, ढंगेरिया सहित करीब डेढ़ दर्जन गांवों में सुरक्षा कोई पुख्ता प्रबंध नहीं नजर आए। जबकि यह वे गांव में जहां से एसवाईएल गुजरती है।
शनिवार शाम शम्भू बैरियर पर पंजाब और हरियाणा के पुलिस के अधिकारियों की बैठक में एसएसपी पटियाला एस. भूपति, एसपी डी हरविन्द्र सिंह विर्क, डीएसपी राजपुरा कृष्ण कुमार पांथे, हरियाणा पुलिस से एसपी अभिषेक ग्रेवाल, डीएसपी प्रमोद कुमार, डीएसपी शहरी राजेश कुमार मौजूद थे। बैठक में अंबाला रेंज के आईजी तथा पटियाला रेंज के आईजी ने भी निर्देश दिए कि वह संबंधित थानों के माध्यम से सभी रूटों पर निगरानी रखी जाए। पुलिस से सभी राजनितिक दलों को भी पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।