रुपये बदलने के दौरान इंक लगाए जाने से शहरवासी चिंतित
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बार- बार नोट बदलवाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अंगुली पर अमिट स्याही लगाने की घोषणा कर दी। लेकिन यह घोषणा चंडीगढ़ के लोगों पर भारी पड़ सकती है। क्योंकि 18 दिसंबर को चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में बैंक में नोट बदलवाने वालों की अंगुली पर स्याही का निशान होने पर कैसे वोट डाल पाएंगे इसे लेकर चिंतित हैं।
चुनाव के समय फर्जी वोट रोकने के लिए ही मत डालते समय अंगुली में स्याही लगाई जाती है, लेकिन अब बैंक द्वारा अंगुली में स्याही लगाने पर मतदाताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चुनाव आयोग के लिए भी असमंजस की स्थिति बन गई है क्योंकि बैंकों द्वारा मतदान वाली स्याही लगाने पर मतदाता के लिए क्या नियम बनाया जाएगा इसे लेकर चुनाव आयोग के पास भी अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं पहुंची है। अभी उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं कि जिसकी उंगली में स्याही लगी है, वह वोट डाल पाएगा या नहीं।
बुधवार से बैंकों में लोगों की अंगुली पर स्याही लगानी भी शुरू कर दी गई। राजनीतिक दलों के अनुसार एक बार अमिट स्याही लगाने पर उसका रंग अंगुली से कई माह तक नहीं मिटता। ऐसे में केंद्र द्वारा नोट एक्सचेंज की दी गई तारीख 24 नवंबर है। ऐसे में जो भी नोट एक्सचेंज करेगा, उसकी अंगुली पर स्याही का निशान नगर निगम चुनाव (18 दिसंबर ) तक नहीं मिटेगा। वैसे कई लोगों का कहना है कि सबसे छोटी या अंगूठे पर स्याही लगाने का फैसला आ सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने ट्विटर पर इस नए सिस्टम को लागू करने पर सवाल उठाया है।