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फास्टैग के बारे में वह जानकारी और नियम जो आप जानना चाहता है, बड़े फायदे के हैं जरूर देखें

Mon, 17 Feb 2020 04:16 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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फास्टैग अनिवार्यता के बाद से ही केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग के मिशन पर निरंतर अग्रसर है। वहीं फास्टैग गुम होने, खराब या चोरी होने की स्थिति में भी आपके रुपये सुरक्षित रहेंगे। नया फास्टैग मुफ्त बनेगा और पुराने के रुपये नये में स्थानांतरित हो जाएंगे।
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फास्टैग के बारे में वह जानकारी जो आप जानना चाहता है
कुछ लोगों के मन में सवाल रहता है कि यह फास्टैग कब तक चलेगा। इसके लिए बता दें कि फास्टैग में रखे कैश की वैधता अनलिमिटेड होती है। अगर पांच साल बाद फास्टैग बदलना भी पड़े तो पैसे नये फास्टैग में स्थानांतरित हो जाएंगे। एक सवाल है कि गुम हो गया तो पैसों का क्या होगा?

गुम होने की स्थिति में इसमें रिचार्ज करवाए पैसे नये फास्टैग में आ जाते हैं। फास्टैग दो तरह के हाते हैं, जिनमें एक वो जो आम लोगों के लिए है, जिसमें अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिचार्ज हो सकता है। वहीं दूसरा निर्यातक कंपनियों या फिर टूर एंड ट्रैवल्स कंपनियों के लिए जिसमें एक लाख तक का रिचार्ज हो सकता है।
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बैंक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर ब्लॉक करा सकेंगे

लोगों के मन में सवाल रहता है कि अगर फास्टैग खराब हो गया, चोरी या गुम हो गया तो उनके रुपयों का क्या होगा। लोगों का सवाल है कि कहीं फास्टैग का रिचार्ज भी मोबाइल सिम रिचार्ज जैसा तो नहीं है? बता दें कि ऐसा नहीं है। फास्टैग में रुपयों की वैधता अनलिमिटेड है। फास्टैग किसी तरह खराब हो जाता है, गाड़ी का शीशा टूटने पर खराब हो जाता है तो आपको उसी जगह से नया मिल जाएगा। कंपनी से अपनी गाड़ी पर अपनी आरसी और दस्तावेजों पर दूसरा फास्टैग लिया जा सकता है, जिसका कोई पैसा नहीं लगेगा।

कैश भी अगले फास्टैग में चले जाएंगे, यानी हमारे पैसे सुरक्षित रहेंगे। इसके अलावा अगर खाते से गलत तरीके से पैसे कट जाएं तो तुरंत बैंक की कस्टमर केयर हेल्पलाइन पर फोन करना चाहिए। प्रत्येक फास्टैग पर हेल्पलाइन नंबर लिखा रहता है। हेल्पलाइन पर डाली गई रिक्वेस्ट को रिव्यू करने के बाद पैसे वापस मिल जाएंगे। गाड़ी चोरी होने पर बैंक की हेल्पलाइन पर फोन कर ही फास्टैग को ब्लॉक करवा सकते हैं।
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मकड़ौली से गुजर रहे 82 फीसदी वाहन फास्टैग वाले

रोहतक के सबसे नजदीकी टोल मकड़ौली टोल पर से गुजरने वाले वाहनों में से 82 प्रतिशत वाहन फास्टैग वाले गुजर रहे हैं। टोल सीजीएम कर्नल वीरेंद्र शेखावत ने बताया कि इतने वाहनों का फास्टैग के साथ गुजरना अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। टोल का टारगेट सबसे पहले 85 प्रतिशत वाहनों को फास्टैग की सूची में जोड़ना है, जिसके लिए टोल से शहर में जगह-जगह मोबाइल वैन भेज फास्टैग बनाए जा रहे हैं।

मॉडल टोल मकड़ौली से दस हजार में से 8200 के करीब वाहन फास्टैग वाले हैं और आने-जाने की दो ही कैश लाइन हैं। माना जा रहा है कि इतनी संख्या में फास्टैग वाहनों में अधिकतर रोहतक के ही हैं। कर्नल वीरेंद्र शेखावत ने कहा कि रोजाना पंजीकरण के मामले में भी रोहतक जिले के वाहन चालक अन्य जिलों से अधिक हैं, फिर भी कुछ लोग जानकारी के अभाव में अपनी गाड़ियों पर फास्टैग लगवाने से कतरा रहे हैं।
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