अमरोहा के जोया रोड पर टमाटर पैक करते मजदूर
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महंगाई के चलते टमाटर की कीमतें बढ़ती जा रही हैं और लोगों को इसके नखरे अभी और झेलने होंगे। मतलब कीमतों में अभी और इजाफा होगा। शुक्रवार को भी टमाटर का रेट 50 से 60 रुपये किलो रहा। मार्केट कमेटी के अनुसार अभी शिमला से आगे से टमाटर की सप्लाई आ रही है। हिमाचल प्रदेश स्थित सोलन और राजगढ़ से टमाटर की सप्लाई एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी अभी टमाटर वहा पर कच्चा है लेकिन सप्ताह बाद पक्क जाएगा।
मार्केट कमेटी के चेयरमैन रामवीर भट्टी का कहना है कि अभी हाल ही में वह कुम्हारहटी और सोलन होकर आए हैं। टमाटर की फसल अभी कच्ची है लेकिन एक सप्ताह बाद यहां से टमाटर की सप्लाई शुरू हो जाएगी। जिसके बाद टमाटर का रेट भी कम हो जाएगा। यहां से टमाटर आने पर ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी बचेगा। स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष देसराज का कहना है कि बारिश में टमाटर खराब होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है उनका कहना है कि शुक्रवार को मंडी में टमाटर 50 से 60 रुपये किलो बिका है।
प्रशासन को लगानी चाहिए सस्ते टमाटर और आलू की दुकानें
फासवेक के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि पिछले साल जब प्याज महंगा हुआ था तो प्रशासन ने सस्ते प्याज बेचने की दुकानें लगाई थी होलसेल रेट पर ही प्रशासन ने लोगों को प्याज बेचा था उनका कहना है कि इसी तरह से प्रशासन को अब टमाटर और आलू के स्टाल लगाने चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।