पेट्रोल- डीजल के बाद अब दालों, घी और टमाटर के रेट में इजाफा हो गया है। ऐसे में अब महंगाई की मार सीधी रसोई पर पड़ी है। हर दाल के रेट में 10 से 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। मूल्य बढ़ने का कारण फसल की कम पैदावार बताई जा रही है। सबसे ज्यादा रेट चना दाल के बढ़े हैं। इसमें 25 से 30 रुपये किलो की वृद्धि हुई है, जबकि इस दाल की खपत ही सबसे ज्यादा है। दालों के रेट पिछले एक सप्ताह में बढ़े हैं। इसके साथ ही देसी घी के रेट में 40 रुपये किलो का इजाफा हुआ है। दालों ही नहीं बल्कि सब्जियों के रेट में इजाफा हो गया है। टमाटर का रेट ही 35 रुपये किलो पहुंच गया है।
दालों की सप्लाई महाराष्ट्र, एमपी और राजस्थान से
शहर में दालों की सप्लाई महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होती है। दालों के रेट बढ़ने से शादियों का आयोजन भी महंगा हो जाएगा। अगले दिनों शहर में शादियों का सीजन भी शुरू होने वाला है। जबकि चीनी का रेट 39 रुपये किलो पहुंच गया है। पिछले माह चीनी का रेट 37 रुपये किलो था। लोगों का कहना है कि रेट बढ़ने से बजट पूरी तरह से हिल गया है।
फसल कम होने की दलील
शहर के विक्रेताओं के अनुसार फसल कम होने के कारण पीछे कई बड़े कारोबारी दालों की स्टोरेज कर लेते है ऐसे में दालों के रेट में अगले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद है।
इन दालों और खाद्य पदार्थो के रेट बढ़े
दाल-------------पिछले सप्ताह----------------इस सप्ताह (प्रति किलो)
दाल चना--------------65-------------------------95
काला चना-------------65-------------------------90
मा साबत-------------140-------------------------170
मा छिलका------------150-------------------------175
मा धुली---------------160-------------------------190
अरहर----------------140-------------------------160
राजमा-----------------85--------------------------95
सफेद चने-------------100-------------------------115
मुंगी साबत-------------160-------------------------190
मुंगी धोती--------------110-------------------------120
सब्जियों के रेट
मटर---------------80 से 100
आलू---------------28 से 30
तोरी-------------------40
करेला-----------------30
लौकी-----------------30
कद्दू-----------------20
शिमला मिर्च-----------40
फ्रासबीन--------------50
दालों के रेट में पिछले सप्ताह के मुकाबले में 10 से 30 रुपये का इजाफा हो गया है। इसका कारण फसल की कम पैदावार होना बताया जा रहा है। लेकिन महंगाई का असर शहरवासियों पर पड़ रहा है।
- नरेश महाजन, व्यापार मंडल के महासचिव एवं सेक्टर-23 स्थित सीएम स्टोर के संचालक
अच्छे दिनों का वायदा करके भाजपा ने लोगों को महंगाई की ओर धकेला है। भाजपा के नेता वह अब चुप है जो कि यूपीए के कार्यकाल में दालों के रेट में मामूली इजाफा होने पर खूब हंगामा करते थे। लेकिन अब महंगाई बढ़ाकर कह रहे हैं कि देश बदल रहा है।
- प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष