इनेलो ने सीपीएस रामकिशन फौजी को हटवाने के लिए 28 जनवरी से सड़कों पर उतरने का फैसला किया है।
यह फैसला शनिवार को दिल्ली में संसदीय बोड और राजनीतिक मामलों की कमेटी की बैठक में हुआ। बैठक की अध्यक्ष अभय चौटाला और अशोक अरोड़ा ने की।
यहां जारी बयान में अरोड़ा ने बताया कि हर रोज पांच जिला मुख्यालयों पर धरने और प्रदर्शन किए जाएंगे। धरने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी के पुतले फूंकेंगे।
अरोड़ा ने कहा कि लोकायुक्त की रिपोर्ट के बावजूद सीएलयू के नाम पर पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोप में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
सरकार ऐसे आरोपियों को बचाने में जुटी है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। मगर विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार करने के लिए विधायक दल की बैठक 27 जनवरी को चंडीगढ़ में होगी।
राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तय करने का अधिकार इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला को दिया गया। बैठक में राज्यसभा सदस्य रणबीर सिंह प्रजापति, विधायक प्रदीप चौधरी, सरोज मोर और अन्य नेता उपस्थित थे।