चंडीगढ़। कोरोना वायरस से उत्पादन में 75 प्रतिशत तक गिरावट आने से चंडीगढ़ के उद्यमी चिंतित हो रहे हैं। उद्यमियों ने लगातार हो रहे घाटे से उबरने के लिए सब्सिडी दिए जाने की मांग की है। जल्द ही सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर उद्यमी समस्या बताएंगे व राहत देने की मांग करेंगे।
बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र फेज 1 और 2 स्थित छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में 75 प्रतिशत तक उत्पादन गिर गया है। दोनों फेज में 4000 औद्योगिक इकाईयां विभिन्न उत्पादों का उत्पादन कर रही हैं। वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण लोग एहतियात के तौर पर भीड़ भाड़ वाले स्थान और बाजार में खरीददारी करने से बच रहे हैं। इस कारण रिटेल मार्केट पर बुरा असर पड़ा है।
बाजार से उत्पादों की डिमांड न होने के कारण इसका सीधा असर उत्पादन पर हुआ है। इसके चलते औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन लगातार गिर रहा है। उत्पादन गिरने से उद्यमियों को काफी नुकसान हो रहा है। उद्यमियों का कहना है कि वह अपनी इस समस्या को लेकर जल्द ही सरकार के प्रतिनिधियों से मिलेंगे और अपनी समस्याएं बताएंगे।
घाटे से उबारेगी सब्सिडी
कोरोना से हो रहे नुकसान से उबरने के लिए सरकार को जल्द ही कोई निर्णय लेना होगा। शहर की औद्योगिक इकाईयों में उत्पादन बना रहे इसको लेकर सरकार को उद्योग बचाने के लिए सब्सिडी देनी चाहिए। जल्द ही उद्यमियों की एसोसिएशन सरकार के प्रतिनिधियों से मिलेगी और सरकार से सब्सिडी दिए जाने की मांग करेंगी। -अवि भसीन, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
यही हाल रहा तो बर्बाद हो जाएंगे उद्यमी
कोरोना वायरस पर यदि जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो उद्योग जगत को बहुत नुकसान होगा। इसका सीधा प्रभाव लोगों के साथ उद्यमियों पर पड़ेगा। सरकार को जल्द ही देश के उद्योगों को बचाने के लिए कोई सकारात्मक निर्णय लेना होगा। जल्द ही उद्योग जगत की एसोसिएशन सरकार तक उद्यमियों की आवाज पहुंचाने की पहल करेगी। -पंकज खन्ना, अध्यक्ष, चंडीगढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन
फर्नीचर इंडस्ट्री का बुरा हाल
बाजार में ग्राहक न होने के कारण काम कम हो रहा है। इस कारण से फर्नीचर इंडस्ट्री पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है। इसके साथ ही कच्चा माल न मिल पाने के कारण महंगाई बढ़ रही है। इसके साथ ही डिमांड भी नहीं होने के कारण उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है। -सुनील बंसल, उपाध्यक्ष, मैट्रस एसोसिएशन
कहां से देंगे कर्मियों की सैलरी
मार्केट बिल्कुल बंद पड़ी है। ग्राहक नहीं है। कोरोना ने मार्केट को तबाह कर दिया है। सरकार ने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कह दिया है, लेकिन उद्यमियों का कारोबार चौपट हो गया है। वह कर्मचारियों की सैलरी कहां से देंगे। सरकार को जल्द ही उद्योगों को बचाने के लिए कोई पॉलिसी लानी होगी ताकि उद्यमियों को राहत मिल सके। -जरनैल सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ शेड वेलफेयर एसोसिएशन