अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के उद्योगपतियों से जुड़ा संगठन केंद्रीय बजट को हरियाणा की लड़खड़ाती एमएसएमई और स्माल इंडस्ट्रीज के लिए बेहतर करार दे रहा है। हरियाणा हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रजनीश गर्ग का कहना है कि पहली बार अलग अलग श्रेणी के तहत अलग-अलग बजट रखा गया है। एक तो उद्योगों के लिए ट्रेंड कर्मचारी पर फोकस किया है, दूसरा रोजगार और फाइनेंस पर जोर दिया है। ये तीनों ही चीजें उद्योगों के लिए अच्छी है।
गर्ग का कहना है कि स्पेशल क्रेडिट प्रोग्राम की घोषणा कर कर्ज के बोझ से लड़खड़ा रहे एमएसएमई सेक्टर को पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। दूसरी तरफ मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाकर छोटे कारोबारियों का मनोबल बढ़ाया गया है। नए बजट में गारंटी फंड का नया प्रावधान किया गया है, इसमें उद्योग चलाने के लिए 100 करोड़ रुपये तक की गारंटी मिल सकेगी। कुल मिलाकर यह विकासशील बजट है और इससे उद्योग पटरी पर आ सकेंगे।
कौशल विकास के लिए खुले रास्ते : डा. नेहरू
बजट से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण के साथ परामर्श बैठक में मैंने कौशल विकास के विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव दिए थे, उन पर गौर किया गया है। रोजगार और कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच कार्यक्रमों के लिए 2 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। देश की 500 शीर्ष कंपनियों के माध्यम से एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का लक्ष्य अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। 5 हजार रुपए के मासिक मानदेय के साथ 12 महीने की प्रधानमंत्री इंटर्नशिप युवाओं को सर्वाधिक आकर्षित करेगी। इतने बड़े पैमाने पर युवा स्किल्ड बनेंगे तो इंडस्ट्री की भी जरूरत पूरी होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। -डॉ. राज नेहरू, कुलपति, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय