-कांग्रेस, जजपा, इनेलो ने बजट को बताया निराशानजक
-आरोप, किसानों समेत अन्य कमेरे वर्गों की भी हुई अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्रीय बजट को लेकर हरियाणा के विपक्षी राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस, जजपा और इनेलो ने बजट को निराशाजनक करार दिया है। विपक्षी दलों ने एक सुर में कहा है कि बजट में हरियाणा के लिए कुछ नहीं है। हरियाणा का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि हरियाणा को उम्मीद थी कि इस बार बजट में प्रदेश को कुछ खास मिलेगा, लेकिन सारी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। उनका आरोप है कि सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी करते हुए भाजपा ने बजट पेश करने की एक औपचारिकता निभाई है।
हरियाणा का नाम लेना भी भूली सरकार : दीपेंद्र
सरकार केन्द्रीय बजट में हरियाणा का नाम लेना ही भूल गई। 2 महीने बाद विधानसभा चुनाव में जनता भी भाजपा को वोट देना भूल जाएगी। ये कैसा बजट है जिसमें देश की ज्वलंत समस्याएं, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा गया। न ही इसके लिए कोई आवंटन या कोई कदम उठाया गया। देश के किसान व गरीब जैसे बड़े वर्गों को राहत की उम्मीद थी, उन्हें कोई राहत नहीं दी गई। -दीपेंद्र हु्ड्डा, सांसद, रोहतक
बस बदला लो, सरकार बचाओ : सुरजेवाला
भाजपा सरकार का बजट बस बदला लो और सरकार बचाओ बजट जरूर है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य के लिए कुछ नहीं है। यूपी ने लोकसभा में हराया तो यूपी नाम का शब्द ही बजट से हटा दिया, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक और तेलंगाना हारे तो उनके अस्तित्व से ही मुंह मोड़ लिया। राजस्थान को भी बजट में शून्य दिया। बिहार और आन्ध्र प्रदेश को भी 5 साल की लंबी योजना में डाल दिया, ताकि न कुछ मिले। -रणदीप सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस
किसान, कमेरे और युवाओं को निराशा हाथ लगी : अभय
बजट में हरियाणा को कुछ भी नहीं दिया। केंद्र द्वारा पेश किए गए बजट से किसान, कमेरे और युवाओं को निराशा लगी है। किसानों की प्रमुख मांगें जिनमें फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी प्रमुख हैं का कोई जिक्र नहीं किया गया। खेती के लिए जरूरी खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरणों पर राहत नहीं दी गई। उलटा खाद और यूरिया पर सब्सिडी कम कर दी हैं। दस साल में महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाई है। - अभय चौटाला, इनेलो विधायक
सरकार बचाने का बजट : दुष्यंत
यह बजट आम आदमी के हित में न होकर केंद्र सरकार को बचाने का मैनेजमेंट वाला बजट है। केंद्रीय बजट में केवल आंध्रप्रदेश और बिहार पर फोकस किया है। हरियाणा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। यह अब तक का सबसे खराब बजट है। एनडीए सरकार ने न केवल राज्यों के साथ भेदभाव किया बल्कि इस बजट से गरीब, किसान, कमेरे, युवा सहित हर वर्ग को निराशा किया है। युवाओं को पक्की नौकरी देने का बजट में कोई जिक्र नहीं किया है। - दुष्यंत चौटाला, जजपा नेता।