हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह।
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हरियाणा सरकार उद्यमियों को एक्सप्रेस फीडर से बिजली देने की तैयारी कर रही है। यह बिजली सामान्य बिजली से एक रुपये महंगी होगी। उद्यमियों को फायदा यह होगा कि उन्हें जो बिजली, पावर कट के समय जनरेटर के माध्यम से 17 से 18 रुपये यूनिट लेनी पड़ती थी। वह बिजली सरकार की इस योजना से मात्र एक रुपये ही महंगी पड़ेगी। सरकार का इससे फायदा यह होगा कि ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये का सालाना मुनाफा होगा। यह जानकारी बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने दी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नवंबर से फरवरी के बीच जनरेटर चलाने पर प्रतिबंध के बाद हरियाणा सरकार ने यह फैसला किया है। गुजरात में उद्यमियों को दिन-रात बिना किसी कट के 24 घंटे बिजली मिलती है। फिलहाल गुजरात सरकार यह मॉडल तैयार कर चुकी है। इस मॉडल को समझने के लिए हरियाणा के अधिकारियों का एक दल शीघ्र गुजरात जाएगा।
बिजली की इस निर्बाध आपूर्ति को प्रदेश सरकार ने एक्सप्रेस डिलीवरी का नाम दिया है। प्रदेश में उद्योगों को हर रोज करीब सात करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई होती है। 180 रुपये प्रति किलोवाट की दर से लगने वाले चार्ज समेत उद्योगपतियों को यह बिजली 8.3 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है। सरकार बिजली देगी तो यह बिजली करीब नौ रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी।
किसी कारण से अगर हम 24 घंटे बिजली नहीं दे सके तो उसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी। योजना को लेकर सरकार बिजली विभाग और उद्यमियों के बीच अनुबंध करेगी। रणजीत सिंह चौटाला, बिजली मंत्री हरियाणा।