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नाराजगी: पाक में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़, श्री करतारपुर साहिब के पास मांस-मदिरा की पार्टी से सिखों में रोष

Mon, 20 Nov 2023 12:16 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह ने घटना की निंदा की है। वहीं तख्त दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह ने भी इस घटना पर विरोध जताया है।
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पार्टी में नाचते पाकिस्तानी अधिकारी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान की परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मोहम्मद अबू बकर आफताब कुरैशी की ओर से दी गई पार्टी विवादों में आ गई है। यह पार्टी पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब की दर्शनी ड्योढ़ी से 20 फुट की दूरी पर हुई। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुए हैं। इससे सिख समुदाय में भारी रोष है।

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सूचना के अनुसार 18 नवंबर यानी रविवार की रात आठ बजे यह पार्टी शुरू हुई थी। इसमें पाकिस्तान के जिला नारोवाल के डीसी मोहम्मद शारूख, पुलिस अधिकारियों समेत विभिन्न समुदायों के 80 से अधिक लोगों के साथ शामिल हुए थे। इस पार्टी में शराब और मांस का सेवन जमकर हुआ। पार्टी में अलग-अलग अधिकारी नशे में झूमते नजर आए। यही नहीं श्री करतारपुर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गोबिंद सिंह भी नृत्य करने वालों के साथ थिरकते नजर आए।

गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गोबिंद सिंह भी पार्टी में शामिल हुए थे और खुलकर मांस व मदिरा का सेवन हुआ। साथ ही नशे के दौर में नाच-गाना भी चला। कई सिख हस्तियां यह पार्टी देखती रहीं और कार्यक्रम का अंत तक हिस्सा भी बनी रहीं।

भारत में हो रहा विरोध

जब इस आयोजन में मांस व शराब परोसे जाने की जानकारी सिख समुदाय को मिली तो उन्होंने विरोध दर्ज किया। श्री करतापुर साहिब वह स्थान है, जहां श्री गुरु नानक देव जी काफी समय रहे और वहां गुरु साहिब ने अंतिम दिन भी बिताए। पार्टी में ज्ञानी गोबिंद सिंह की मौजूदगी के बारे में जानकर सिख समुदाय भी हैरान हैं, जो पहली पंक्ति में बैठकर मेहमानों और मेजबान सैयद अबू बकर कुरैशी के नृत्य का आनंद ले रहे थे।

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पार्टी में पीली पगड़ी पहने सिख रमेश सिंह अरोड़ा भी मौजूद थे, जो नारोवाल के पूर्व एमपीए और करतारपुर कॉरिडोर के राजदूत हैं। इस मामले का भारत में कड़ा विरोध हो रहा है। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह ने घटना की निंदा की है। वहीं तख्त दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह ने भी इस घटना पर विरोध जताया है।

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