कृषि विधेयकों के विरोध में 24 सितंबर से किसानों द्वारा रेल रोको आंदोलन से रेल डिवीजन फिरोजपुर की करोड़ों की आमदन को झटका लगेगा। कोविड-19 के कारण ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ना बंद होने से डिवीजन अरबों का नुकसान सहने के बाद अब फिर से मालगाड़ियां व पैसेंजर ट्रेनें चलाकर आर्थिक स्थिति से उभरा था कि किसानों के तीन दिन चलने वाले आंदोलन से करोड़ों की आमदनी प्रभावित होगी।
किसान पंजाब में रेल ट्रैकों पर धरना देकर मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेनें रोकेंगे, लेकिन ज्यादातर किसान अमृतसर में बिछे ट्रैकों पर टेंट लगाकर बैठेंगे, क्योंकि 15 में से 13 ट्रेनें अमृतसर से दौड़ रही हैं। जबकि फिरोजपुर और जम्मूतवी से एक-एक ट्रेन चल रही है।
रेलवे संपत्ति बचाने को किए विशेष इंतजाम
रेल सूत्रों के मुताबिक जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने पंजाब में पड़ते रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ व अन्य सुरक्षा एजेंसियों का बंदोबस्त किया था। अब ट्रैकों की सुरक्षा के लिए भी धरनास्थलों के आसपास आरपीएफ तैनात होगी। कहीं किसान हिंसक वारदात को अंजाम न दें। रेलवे स्टेशनों के प्रवेश रास्तों पर आरपीएफ तैनात होगी, ताकि कोई प्रदर्शनकारी स्टेशन में प्रवेश न कर सके।