एयरक्राफ्ट जैसी सुविधाओं से लैस वीवीआईपी ट्रेन तेजस से सफर की उम्मीद ट्राइसिटी के लोग अब छोड़ दें, क्योंकि अभी तक इसे दौड़ाने की चर्चा भी नहीं है। पंजाब स्थित कपूरथला की रेल कोच फैक्टरी ने मई 2018 में तेजस का रैक तैयार कर नॉर्दर्न रेलवे को हैंडओवर किया था। रेलवे इसे चलाने की प्लानिंग छह माह बाद भी नहीं कर पाया।
नॉर्दर्न रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस ट्रेन को लेकर अभी तक कोई चर्चा नहीं है। हालांकि पहले भी रेलमंत्री पीयूष गोयल चंडीगढ़-नई दिल्ली रूट पर तेजस चलाने की बात पर संशय जता चुके हैं। वहीं, पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल का कहना है कि डबल ट्रैक होने के बाद चंडीगढ़-नई दिल्ली रूट पर तेजस जैसी सेेमी हाई स्पीड ट्रेन चलनी चाहिए। यह एडिशनल ट्रेन है। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
2016 में हुआ था ऐलान
गौरतलब है कि साल 2016 में पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर तेजस शुरू करने का एलान किया था। इसके लिए 2017 में विंटर शेड्यूल में 1 नवंबर से तेजस की टाइमिंग भी आ गई थी, लेकिन यह अभी तक चली नहीं है।
एडिशनल ट्रेन को चलाने के लिए शताब्दी बंद करने की जरूरत नहीं
अगर चंडीगढ़-नई दिल्ली रेल मार्ग पर तेजस चलाई गई तो शताब्दी बंद करने की बात कही गई थी। इसकी पुष्टि नॉर्दर्न रेलवे के जीएम और रेल मंत्री ने की थी। इस ट्रेन को बंद करने का तर्क दिया गया था कि चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी की ज्यादातर सीटें खाली रहती हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने तो साफ कह दिया था वे चंडीगढ़-नई दिल्ली के बीच शताब्दी ट्रेन से दो बार सफर कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें खाली सीटों को देखकर दुख हुआ था।
ऐसे में क्यों न हम पहले से चल रही तीन शताब्दी ट्रेनों की जगह एक शताब्दी और एक तेजस चला दें। इस बात पर जब पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि तेजस ट्राइसिटी के लोगों के लिए एक एडिशनल सुविधा है। शताब्दी बंद करने के बजाय चंडीगढ़-नई दिल्ली रेल मार्ग के डबल ट्रैक होने के बाद बिना शताब्दी बंद किए इस रूट पर तेजस चलाई जाए। इसके अलावा एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
1 नवंबर, 2017 से लागू विंटर शेड्यूल में तेजस की टाइमिंग
यह हफ्ते में 6 दिन बुधवार को छोड़कर चलनी थी। दिल्ली से सुबह 9:40 बजे चलेगी और चंडीगढ़ दोपहर 12.40 बजे पहुंचेगी। ट्रेन चंडीगढ़ से दोपहर 2.35 बजे चलेगी और शाम को 5.30 बजे दिल्ली पहुंच जाएगी। इस ट्रेन में 18 कोच होंगे। इनमें 16 चेयरकार, दो कोच सेकंड स्लीपर के होंगे। दिल्ली से चंडीगढ़ तेजस का ट्रेन नंबर 22425 होगा।
वर्तमान में महज तीन सुपरफास्ट ट्रेनें
शताब्दी एक्सप्रेस सुबह 6.53 पर चलकर 10.15 दिल्ली पहुंचती हैं। दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ से चलकर नई दिल्ली शताब्दी 3.25 पर पहुंचती है। यह संडे को नहीं चलती।
शताब्दी शाम 6.20 पर चंडीगढ़ से चलकर नई दिल्ली 9.55 पर पहुंचती है। जनशताब्दी एक्सप्रेस चंडीगढ़ से सुबह 7.30 पर चलती है और नई दिल्ली में दोपहर 12 बजे पहुंचती है।
दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस में सुविधाएं
सेमी हाई-स्पीड तेजस एक्सप्रेस में एयरक्रॉफ्ट जैसी कई सुविधाएं हैं। इसमें हर यात्री की सीट पर सूचना और मनोरंजन के लिए स्क्रीन लगी है। अटेंडेंट कॉलिंग बटन, पढ़ने की लाइट, एग्जीक्यूटिव चेयर कार के अलावा ऑटोमैटिक एंट्री और एक्जिट दरवाजे हैं, जो मेट्रो ट्रेनों की तरह प्लेटफॉर्म पर पहुंचने पर ही खुलेंगे। तेजस के कोच भविष्य के मुताबिक तैयार किए गए हैं।
वे 200 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकते हैं। ट्रेन में वाईफाई की सुविधा भी होगी। इसके अलावा प्रत्येक यात्री के लिए सीटों के बीच मोबाइल/यूएसबी प्वाइंट, बायो टॉयलेट, एलईडी लाइटिंग, सीसीटीवी सिस्टम, नए लुक और कलर वाली आरामदायक सीटें, मिनी पैंट्री भी होगी जिसमें जहां सूप, चाय और कॉफी उपलब्ध होंगी
अभी तेजस को लेकर चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग पर चलाने की कोई प्लानिंग नहीं है।
- दीपक, पीआरओ, नॉर्दर्न रेलवे