देश में बहुत जल्द युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खुलने वाला है, क्योंकि सरकार एक नया प्रोजेक्ट लेकर आई है। इससे एक तीर से दो निशाने लगेंगे। दूसरा, इस प्रोजेक्ट से पीएम मोदी का डिजिटल इंडिया का सपना पूरा होगा। सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट सेक्टर में बहुत जल्द भारत का दबदबा बढ़ने वाला है। साथ ही वर्ष 2020 तक सॉफ्टवेयर इंपोर्ट भी पूरी तरह से खत्म करने का टारगेट रखा गया है।
यानी देश में आईटी से जुडे़ सेक्टरों को हर तरह के सॉफ्टवेयर की उपलब्धता देश में ही हो जाएगी। इसके लिए भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने खास योजना तैयार की है, जिसका फिलहाल ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस योजना के तहत उन कंपनियों को सरकार प्रोत्साहन देगी, जो सॉफ्टवेयर को प्रोडक्ट के रूप तैयार करके उनका विदेशों में एक्सपोर्ट कर रही है।
इस योजना से न केवल देश में चल रहे डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढे़ंगे। पीआईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर हेमंत चौहान के अनुसार संबंधित विभाग की इस योजना का लाभ आईटी एक्सपोर्ट में जुड़ी कंपनियों और यूथ को मिलेगा।
इस तरह कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहन
डिजिटल इंडिया
- फोटो : twitter
सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को और बूम देने के लिए मंत्रालय के अंतर्गत काम कर रहे एसटीपीआई (सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया) विभाग को अहम भूमिका निभानी है।
इन कंपनियों के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित किए जाएंगे। कंपनियों को इस योजना का लाभ देने के लिए उन्हें आवेदन के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सर्विस, वर्ल्ड क्लास इंटरनेट एक्टिविटी , अत्याधुनिक इक्यूबेशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेस उपलब्ध करवाई जाएंगी।
इससे कंपनियों के सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट को बूस्टअप मिलेगा। ऐसी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए देश में एसटीपीआई के 58 सेंटर काम कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि देश में ऐसी 5500 कंपनियों हैं, जो सॉफ्टवेयर प्रोडक्शन में जुटी हैं।
डिजिटल इंडिया के सपने को मिलेगी उड़ान
Digital India
- 2019 साल तक 2.5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड व यूनिवर्सल कनेक्टिविटी सुविधा उपलब्ध करवाने का टारगेट है।
- 4 लाख पब्लिक इंटरनेट ऐसेस प्वाइंट देना।
- वर्ष 2019 तक 1.70 करोड़ प्रत्यक्ष और 8.5 करोड़ अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना।
- सभी राज्यों की सरकारों को ई- गवर्नेंस और ई- सर्विसेज% से लैस बनाना।
- इंडिया को आईटी यूथ इन सर्विस, हेल्थ, एजुकेशन व बैंकिंग में लीडर बनाना।
- 2020 वर्ष तक सॉफ्टवेयर इंपोर्ट को बंद करवाना।
- 2.5 लाख स्कूलों व सभी विश्वविद्यालयों को वाई- फाई करने व नागरिकों के लिए पब्लिक वाई- फाई हॉट स्पॉट लगाने का टारगेट, इत्यादि।
सरकार की योजना के अंतर्गत सॉफ्टवेयर प्रोडक्शन सेक्टर में काम करने वाली आईटी इंडस्ट्री को स्पेशल पैकेज, बेनिफिट, इंसेंटिव समेत अन्य कई सुविधाएं मिलेंगी। योजना का ड्राफ्ट तैयार है।
- सीवीडी. रामप्रसाद, निदेशक, एसपीटीआई, हैदराबाद