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इंडोनेशिया ड्रग मामले में गुरदीप की सजा टली, विदेश मंत्री ने किया ट्वीट

Sat, 30 Jul 2016 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नकोदर(पंजाब)
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गुरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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इंडोनेशिया में तस्करी के आरोप में जेल में बंद गुरदीप सिंह को गोली मारने के आदेश पर वीरवार रात को फिलहाल रोक लगा दी गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से ट्वीट कर दी गई जानकारी के बाद गुरदीप की पत्नी को पति के लौटने की उम्मीद जगी है।
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कुलविंदर कौर ने सुषमा स्वराज का आभार जताया है। साथ ही भारत सरकार से अपील की है कि उसका पति दस साल से जेल में बंद है और वह काफी सजा भुगत चुका है, इसलिए उसको रिहा करवाया जाए। खबर मिलते ही इलाके के लोग परिवार का मुंह मीठा करवाने पहुंचे।

सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि ‘मुझे इंडोनेशिया में भारतीय राजदूत ने बताया है कि गुरदीप सिंह जिसको शुक्रवार तड़के गोली मारी जानी थी, उसको सजा नहीं दी गई है।’ गुरदीप सिंह उन 14 लोगों में था, जिनको शुक्रवार अल सुबह नौसाकबनगन जेल में फायरिंग स्कवायड की ओर से गोली मारकर सजा दी जानी थी, लेकिन इसको वीरवार रात को ही रोक दिया गया। 10 लोगों को सजा नहीं दी गई, जिसमें गुरदीप सिंह भी एक है। इंडोनेशिया के अटार्नी जनरल एच मोहम्मद परासटियो ने कहा कि 10 लोगों के केस को रिव्यू किया जाना जरूरी लग रहा था।
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‘मैं नहीं चाहता कि यहां रहूं, मेरा शव वहीं मंगवा लेना’

गुरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो

कुलविंदर के अनुसार वीरवार को फोन पर गुरदीप ने उसे बताया कि आज रात यहां मुझे गोली मार दी जाएगी। मैं नहीं चाहता कि यहां रहूं। इसलिए मेरा शव वहीं मंगवा लेना। यहां गोली मारे जाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ताबूत भी मंगवा लिए गए हैं।

सूचना मिली है कि मौलवी, पादरी और पुजारी को भी बुलाया गया है। 48 वर्षीय गुरदीप सिंह को 300 ग्राम हेरोइन की तस्करी करने की कोशिश में इंडोनेशिया में साल 2004 में गिरफ्तार किया गया था। गुरदीप के भांजे गुरपाल सिंह ने कहा कि उसका परिवार यूपी के सहारनपुर में रहता है।

गुरदीप किसी एजेंट के माध्यम से 2002 में न्यूजीलैंड जाने के लिए सहारनपुर से निकला था, लेकिन उसे गलत तरीके से इंडोनेशिया ले जाया गया। परिवार तो यही सोचता रहा कि गुरदीप न्यूजीलैंड में है। 2004 में पता चला कि उसे इंडोनेशिया में नशे की तस्करी में गिरफ्तार कर लिया गया है और 2005 में मौत की सजा दे दी गई है।
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