लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सरहद की निगहबानी की जिम्मेदारी हालांकि आईटीबीपी की है, लेकिन पिछले कई दिनों से जिस तरह के हालात बने हुए हैं। उसके मद्देनजर आर्मी की टुकड़ियों ने भी एलएसी पर मोर्चा संभाला हुआ है। वेस्टर्न और नॉदर्न कमांड की कई यूनिटों और कोर को स्टैंडबाई रखा गया है।
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पहले की अपेक्षाकृत सेना के जवानों और अफसरों की संख्या भी एलएसी पर बढ़ाई गई है। सूत्रों ने बताया कि आईटीबीपी ने भी अपनी कुछ और बटालियन एलएसी पर तैनात की हैं। अब सेना और आईटीबीपी एलएसी पर पेट्रोलिंग व निगरानी साथ-साथ करेंगे। अपनी खुफिया जानकारियों और रिपोर्ट्स को भी सांझा करेंगे, ताकि दुश्मन से निपटने व उस पर दबाव बनाने की रणनीति बनाने में आसानी हो सके।