पंजाब के मालवा क्षेत्र के जाने-माने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कोरोना मरीजों की दिन प्रतिदिन बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय सेना आगे आई है। सोमवार को फौज ने अस्पताल में लेवल-दो के कोविड मरीजों के 100 बेडों को टेकओवर कर लिया। इन मरीजों की देखरेख के लिए फौज द्वारा 100 के करीब सीनियर डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है। मंगलवार को वेस्टर्न कमांड के एक बड़े अधिकारी इसकी औपचारिक शुरुआत करेंगे। राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एचएस रेखी ने इसकी पुष्टि की।
सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या खासतौर से लेवल-तीन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पताल के मौजूदा डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर काम का काफी बोझ बढ़ गया है। ऐसे में अब राजिंदरा अस्पताल के कोविड मरीजों की देखरेख के लिए भारतीय सेना आगे आई है।
सेना की वेस्टर्न कमांड ने राजिंदरा अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर स्थित 100 बेडों की कमान संभाल ली है। अब वही सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर उपचाराधीन लेवल-2 कोविड मरीजों की देखरेख करेगी। इसके लिए फौज की ओर से अपने सीनियर डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की तैनाती की जाएगी । करीब 100 लोगों का स्टाफ यहां लगाया जा रहा है, जिसमें फार्मासिस्टों के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। सोमवार को 100 बेडों को टेकओवर करने की प्रक्रिया को भारतीय फौज ने पूरा कर लिया है।
अस्पताल के एमएस डॉ. रेखी ने बताया कि उम्मीद है कि मंगलवार को भारतीय फौज का स्टाफ 100 बेडों पर उपचाराधीन मरीजों की देखरेख का जिम्मा संभाल लेगा। हालांकि शुरुआत के तीन-चार दिन राजिंदरा का कुछ स्टाफ फौज के स्टाफ साथ रहेगा। जैसे ही फौज के डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ सारा काम समझ लेंगे, उन्हें पूरा जिम्मा सौंप दिया जाएगा।
राजिंदरा के खिलाफ लगातार मरीजों के परिजन कर रहे थे शिकायतें
राजिंदरा में उपचाराधीन कोविड मरीजों के रिश्तेदारों की ओर से लगातार इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे थे। खासतौर से लेवल-तीन के मरीजों के परिजनों में खासा रोष था। राजिंदरा की कोविड वार्ड इंचार्ज सुरभि मलिक ने कहा कि भारतीय फौज की ओर से 100 बेड टेकओवर करने से अब अस्पताल के डॉक्टर और बेहतर ढंग से लेवल-तीन के मरीजों का इलाज कर सकेंगे।