फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Army: दुश्मन के गढ़ में अब 100 किमी तक कड़ा प्रहार कर सकेगी सेना, यूएवी से बढ़ी डीप स्ट्राइक क्षमता

Tue, 06 Jan 2026 10:31 AM IST
शाहरुख खान मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भारतीय सेना दुश्मन के गढ़ में अब 100 किमी तक कड़ा प्रहार कर सकेगी। यूएवी से भारतीय सेना की डीप स्ट्राइक क्षमता बढ़ गई है। खड्गा कोर और चेन्नई के स्टार्टअप ने मिलकर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर-प्रूफ यूएवी तैयार किया है।
विज्ञापन
Indian Army - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय सेना ने दुश्मन के गढ़ में गहरे प्रहार की क्षमता को और मजबूत करते हुए एक अत्याधुनिक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) विकसित किया है। इस यूएवी के जरिये अब सेना दुश्मन के इलाके में 100 किलोमीटर तक सटीक हमला कर सकेगी। 
विज्ञापन


वेस्टर्न कमांड के अधीन खड्गा कोर की डीप स्ट्राइकर्स ईगल यूनिट और चेन्नई स्थित एक स्टार्टअप ने संयुक्त रूप से इस स्वदेशी यूएवी को तैयार किया है। ड्रोन सरीखे इस मानव रहित हवाई वाहन से सेना की डीप स्ट्राइक क्षमता को नई धार मिलेगी। 

खास बात यह है कि यह यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर-प्रूफ है यानी दुश्मन के जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक हमलों का इस पर खास असर नहीं होगा। सेना के सूत्रों के मुताबिक यह प्रणाली आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
विज्ञापन
Trending Videos

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में बड़ा कदम
पिछले कुछ वर्षों से भारतीय सेना इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में यह यूएवी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल गहरे प्रहार की क्षमता बढ़ाना है बल्कि स्वदेशी युद्धक तकनीकों को भी मजबूती देना है। खड्गा कोर की जिम्मेदारी पश्चिमी सीमाओं से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य अभियानों की है। ऐसे में इस तरह के यूएवी का कोर के पास होना सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

खड्गा चक्र दिया गया नाम
खड्गा कोर ने इस यूएवी को खड्गा चक्र नाम दिया है। हाल ही में एक फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल ऑपरेशनल परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार मौजूद रहे। उन्होंने इसे ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और सेना की भविष्य की युद्ध तैयारियों के लिए इसे अहम करार दिया।

नहीं पकड़ पाएगा दुश्मन का जैमर
यह यूएवी लंबी दूरी की निगरानी, टोही और संभावित लक्षित अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी ऑपरेशनल रेंज लगभग 100 किलोमीटर है। यह एंटी-जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्रतिरोधी है जिससे दुश्मन के जैमर इसे ट्रैक नहीं कर पाएंगे। यूएवी दुश्मन के इलाके में काफी भीतर तक जाकर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
 
विज्ञापन

पाइन वॉरियर्स का खतरनाक अभ्यास
खड्गा कोर की पाइन वॉरियर्स की घातक पलटन ने हाल ही में कठोर युद्धाभ्यास किया। जवानों ने करीब 70 किलोमीटर के दायरे में दौड़, जल बाधाएं पार करने, ठंड और अंधेरे में युद्धक साजो-सामान के साथ कठिन अभ्यास पूरे किए। दुर्गम इलाकों और इमारतों में छिपे आतंकियों से निपटने की रणनीति का भी अभ्यास किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें