सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
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भारत पाक में तनाव के चलते बॉर्डर से सटे गांव खाली करने के आदेश जारी हुए हैं, लेकिन लोग अपने घर छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। पंजाब के फाजिल्का जिले में 26 शरणार्थी कैंप बनाए गए हैं, लेकिन उनमें पालतू मवेशियों को रखने की व्यवस्था न होने के कारण सीमावर्ती गांव के किसान शिविरों में जाने को तैयार नहीं हैं।
किसानों का कहना है कि मवेशियों के बिना उनकी आजीविका ठप हो जाएगी। इससे बेहतर तो वे सेना का साथ देते हुए देश के लिए अपनी जान देना पसंद करेंगे। गांव चूहड़ीवाला धन्ना के राहत शिविर इंचार्ज नायब तहसीलदार विपन कुमार ने इसे प्रमुख समस्या मानते हुए जिला उपायुक्त से बात करने का आश्वासन दिया है।
चूहड़ीवाला धन्ना के राहत शिविर में अब तक गांव कोयलखेड़ा, रूपनगर, बारेकां और बकैनवाला के करीब 95 परिवारों के 600 लोग दाखिल हो चुके हैं। स्थिति यह है कि बिना पशुधन के शिविर में आए ये लोग सुबह होते ही गांवों में चले जाते हैं और दिनभर अपने पशुओं व फसलों की देखभाल करके रात के समय शिविर में आ जाते हैं।