चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल हॉस्टल में 100 बेड के एक कोविड अस्पताल का उद्घाटन किया। यह अस्पताल भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड की तरफ से बनाया गया है। भारतीय सेना चंडीगढ़ समेत दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में ऐसे कई अस्पताल बना रही है। इसे ऑपरेशन नमस्ते का नाम दिया गया है।
पीयू के हॉस्टल में बनाए गए 100 बेड के अस्पताल में कोरोना वायरस के कम गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। यहां मरीज जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 से रेफर किए जाएंगे। इस अस्पताल में भारतीय सेना की ओर से ही प्रशिक्षित किए गए स्टाफ रखे गए हैं। यह सभी भारतीय सेना के ही जवान हैं, जो इस अस्पताल के सामने हॉस्टल में ही रहेंगे और यहां पर अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासक ने उद्घाटन के मौके पर कहा कि इस अस्पताल के बनने से शहर को काफी राहत मिली है। सेना ने बहुत जल्द अस्पताल बना दिया है। उन्होंने वेस्टर्न कमांड को बधाई दी। उधर, जीएमएसएच-16 से सोमवार को सेक्टर-45 सिविल अस्पताल में बनाए गए कोविड सेंटर में पांच मरीज रेफर किए गए हैं।
वेस्टर्न कमांड के सिविल मिलिटरी अफेयर्स के निदेशक जसदीप संधू ने बताया कि प्रशासन के आग्रह पर सेना ने कुछ ही दिनों में यहां पर 100 बेड का एक अस्पताल तैयार कर दिया है। इसके अलावा युद्ध में इस्तेमाल होने वाले फील्ड एंबुलेंस को चंडीगढ़ में बुलाया है। सेना के इस अस्पताल की वजह से शहर के जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के ऊपर बढ़ रहा दबाव कम होगा। उन्होंने बताया कि यहां पर स्टाफ भी सेना की तरफ से ही मुहैया कराया गया है। सेना के करीब 120 जवान हर समय यहां तैनात रहेंगे और मरीजों की देखभाल करेंगे।
5 मई से शुरू होना था अस्पताल, ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई देरी
पीयू के इंटरनेशनल हॉस्टल में बना यह अस्पताल 5 मई से शुरू होना था। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने वॉर रूम की बैठक में इस बात का एलान भी कर दिया था। चंडीगढ़ में बीते दिनों हुई ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से इस अस्पताल में देरी हुई है। इस अस्पताल को बनाने के लिए प्रशासन ने परिवहन विभाग के निदेशक उमाशंकर गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने अमर उजाला को बताया था कि 100 बेड के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में थोड़ा समय लगा। बता दें कि अभी भी सेना के इस अस्पताल के सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है। हालांकि, प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने कहा है कि वह अगले कुछ दिनों में सभी बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर लेंगे।
प्रशासन के संपर्क में है सेना, जरूरत पड़ी तो अस्पतालों के लिए देंगे जवान
कर्नल जसदीप संधू ने बताया कि वह प्रशासन के अधिकारियों के संपर्क में हैं। अगर जरूरत पड़ेगी तो शहर के अस्पतालों में सेना के जवानों की भी ड्यूटी लगाएंगे। संधू ने बताया कि शहर में कोरोना के मरीजों में वृद्धि हुई है। अगर आने वाले समय में स्थिति खराब होती है या समस्या बढ़ती है तो सेना अन्य अस्पताल बनाने के लिए भी तैयार है। कर्नल संधू ने बताया कि पंजाब सरकार के आग्रह पर वह मोहाली में भी कुछ बेड की व्यवस्था करने जा रहे हैं। इसके लिए मंगलवार को सेना व मोहाली प्रशासन के अधिकारी साइट देखने के लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वेस्टर्न कमांड दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं दे रही है।