इस परीक्षण के दौरान ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जैसे वाकई दुश्मन से युद्ध छिड़ गया हो। दुश्मन के खिलाफ एक घातक रणनीति भी डिजाइन की गई है। जिसमें दुश्मन के खिलाफ एक तेज दंडात्मक झटका देते हुए सेना अपने इस परीक्षण को अंजाम देगी। इस अभ्यास के जरिए एडवांस हथियारों व उपकरणों को इस्तेमाल करने वाले जवानों का न केवल कौशल विकास होगा, बल्कि उनकी युद्ध संबंधी कार्यशैली भी अपग्रेड होगी।
एयरफोर्स भी होगी परीक्षणा का हिस्सा
सेना के इस दक्षता परीक्षण के दौरान कुछ दिन एयरफोर्स भी आर्मी को ज्वॉइन करेगी। दुश्मन के खिलाफ तैयार की गई रणनीति के अंतर्गत एयरफोर्स भी अपने उपकरणों के साथ अहम रोल अदा करेगा। सेना और वायुसेना इस दौरान मिलकर भविष्य के लिए संयुक्त युद्ध सिद्धांत और संयुक्त परिचालन सिद्धांत के विकास को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे