एसजीपीसी के तत्कालीन सहायक सचिव कुलवंत सिंह रंधावा का कहना है कि सूची में कौन से सामान की जानकारी थी या सेना ने कौन सा सामान लौटाया, यह जांचने का काम उनका नहीं था। श्री हरमंदिर साहिब स्थित सिख रेफरेंस लाइब्रेरी के बहुमूल्य खजाने को खुर्द-बुर्द करने के खुलासे के बाद कुलवंत सिंह रंधावा ने बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सेना द्वारा लौटाए गए कुछ सामान की सूची उस समय के लाइब्रेरियन बलबीर सिंह ने उनके सामने रखी थी।
इस सूची में एसजीपीसी के सचिव भान सिंह के हस्ताक्षर थे। बलबीर सिंह ने उन्हें कहा था कि सेना द्वारा भेजे सामान की सूची पर वह भी हस्ताक्षर कर दें। उन्होंने अपने सामने पहले बलबीर सिंह से सिख रेफरेंस लाइब्रेरी का सामान वसूल पाया लिखवाकर उस सूची पर हस्ताक्षर करवाए थे। बाद में उन्होंने उस सूची पर दस्तखत किए थे।
कुलवंत सिंह रंधावा ने कहा कि सूची जांचने का काम उनका नहीं था क्योंकि तत्कालीन सचिव भान सिंह ने उस सूची पर पहले ही हस्ताक्षर किए हुए थे। एसजीपीसी का दफ्तरी सेना द्वारा लौटाए सामान की सूची उस समय के अधिकारियों के सामने रख रहा था, इसलिए उस पर विश्वास था। सामान की जांच की जिम्मेदारी भान सिंह की थी, न कि उनकी। रंधावा आपरेशन ब्लू स्टार के दौरान एसजीपीसी में सहायक सचिव के पद पर थे। बाद में वह एसजीपीसी के सचिव और वरिष्ठ सचिव के पद पर भी रहे।