फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक मिनट में 1100 राउंड फायर: सेना की एमएसजी एमपी-9 राइफल, जानिए आर्मी के हथियार कितने घातक

Tue, 16 Sep 2025 10:56 AM IST
अंकेश ठाकुर मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

भारतीय सेना के जवानों के पास एमएसजी एमपी-9 राइफल है, जिससे एक मिनट में 1100 राउंड फायर किए जाते है। सिर्फ 1.4 किलो की इस स्मॉल मशीन गन को लेकर चलना आसान रहेगा।
विज्ञापन
सेना की आधुनिक राइफल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भावी खतरों के मद्देनजर सेना अपने उपकरणों और हथियारों को अपग्रेड करने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में सेना अपने जवानों को अत्याधुनिक राइफलों से लैस कर रही है। इनमें से कुछ राइफलें भारत निर्मित हैं जबकि कुछ राइफल्स विदेशी हैं। कुछ राइफलों को भी अपग्रेड किया जा रहा है जिससे उनकी मारक क्षमता काफी अधिक बढ़ गई है। इन राइफलों का भार अपेक्षाकृत कम है मगर ये काफी घातक हैं।

विज्ञापन


इनमें फिनलैंड की साको स्नाइपर राइफल सबसे खास है। इस राइफल को एक विशेष एप के जरिये जोड़ा गया है। अक्सर राइफल से फायर की गई गोली की टेरिटरी हवा के रुख के साथ बदलती है। चूंकि इस राइफल 1200 मीटर है, इसलिए इस राइफल से मिस फायर की संभावना अधिक थी। लिहाजा इस राइफल को एक विशेष मोबाइल एप से जोड़ दिया गया है। इस राइफल को इस्तेमाल करने वाले जवान के मोबाइल में सीक्रेट एप इंस्टाल रहेगा। इसी के जरिये जवान हवा का प्रभाव व रुख भांप लेगा और उसके बाद टारगेट पर फायर करेगा। इससे मिस फायर की संभावना काफी कम हो जाएगी।

इसी तरह जवानों को स्विट्जरलैंड की 9 एमएम एमएसजी एमपी-9 उपलब्ध करवाई जा रही है। सिर्फ 1.4 किलो की इस स्मॉल मशीन गन को लेकर चलना आसान रहेगा। 50 मीटर रेंज वाली यह एसएमजी एक मिनट में 1100 राउंड फायर करेगी। साइलेंसर फेसिलिटी वाली इस गन का फायर रेट भी काफी ज्यादा होगा यानी इसका बारूद ज्यादा आग उगलेगा।भारत निर्मित 5.56 एमएम वाली लाइट मशीन गन इनसास की जगह अब इस्राइल निर्मित 7.62 एमएम वाली नीगव एलएमजी लेगी। इसकी रेंज 800 मीटर रहेगी जोकि एक मिनट में 600 से 800 राउंड फायरिंग कर सकती है। इनसास में 30 राउंड की मैगजीन लगती थी, इसमें 120 राउंड के असॉल्ट ड्रम लग होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेना के हथियार। - फोटो : अमर उजाला
ग्रेनेड लॉन्चर से और घातक बनेंगे इनसास, एके-47
सेना के अधिकतर जवानों के पास इनसास और एके-47 गन मौजूद हैं। इन दोनों लाइट मशीनों गनों को अब अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर से और घातक बनाया जा सकेगा। भारत निर्मित डेढ़ किलो वजनी इस ग्रेनेड लॉन्चर की रेंज 400 मीटर रहेगी। यह लॉन्चर राइफल मैन को उपलब्ध करवा दिया जाएगा जिसे वे जरूरत पड़ने पर इनसास व एके-47 में आसानी से इंस्टॉल कर ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगे। इसी तरह सेना के जवानों को रूस के 1700 मीटर रेंज वाले ऑटोमेटिक ग्रेनेड लॉन्चर, यूएसए की 7.62 एमएम सिग सौअर राइफल, भारत निर्मित 7.62 एमएम एके-203 असॉल्ट राइफल, 7.62 एमएम डीएसआर, 40 एमएम एमजीएल इत्यादि आधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें