ग्रेनेड लॉन्चर से और घातक बनेंगे इनसास, एके-47
सेना के अधिकतर जवानों के पास इनसास और एके-47 गन मौजूद हैं। इन दोनों लाइट मशीनों गनों को अब अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर से और घातक बनाया जा सकेगा। भारत निर्मित डेढ़ किलो वजनी इस ग्रेनेड लॉन्चर की रेंज 400 मीटर रहेगी। यह लॉन्चर राइफल मैन को उपलब्ध करवा दिया जाएगा जिसे वे जरूरत पड़ने पर इनसास व एके-47 में आसानी से इंस्टॉल कर ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगे। इसी तरह सेना के जवानों को रूस के 1700 मीटर रेंज वाले ऑटोमेटिक ग्रेनेड लॉन्चर, यूएसए की 7.62 एमएम सिग सौअर राइफल, भारत निर्मित 7.62 एमएम एके-203 असॉल्ट राइफल, 7.62 एमएम डीएसआर, 40 एमएम एमजीएल इत्यादि आधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है।