राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव बन्न माजरा में सेना के एक हेलीकॉप्टर ने अचानक लैंडिंग की। ग्रामीणों के अनुसार हेलीकॉप्टर जमीन के नजदीक काफी देर तक घूमता रहा, जिससे लग रहा था कि इसमें कोई खराबी आ गई है। इस दौरान पायलेट ने आबादी और 66 केवी की हाईवोल्टेज लाइन से बचाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित लैंड कराया।
मिली जानकारी के अनुसार सेना का चेतक हेलीकॉप्टर जेड-1398 पठानकोट जा रहा था और इसमें तीन अधिकारी बैठे थे। गांव बन्न माजरा के पास हेलीकॉप्टर में खराबी आने के कारण इसे 10 बजे के करीब तुरंत खेत में उतारा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग इकट्ठे हो गए, जबकि कुछ ही मिनट में पुलिस और सिविल प्रशासन भी पहुंच गया।
पुलिस ने लोगों और मीडिया को हेलीकॉप्टर के नजदीक नहीं जाने दिया और फोटोग्राफी से भी रोका। इस दौरान फौज का एक अन्य हेलीकॉप्टर भी मंगाया गया और 12 बजे के करीब दूसरा हेलीकॉप्टर जेड-2458 पांच अधिकारियों को लेकर पहुंचा। इन अधिकारियों ने चेतक हेलीकॉप्टर जेड-1398 की जांच के लिए एक सीढ़ी, टेबल और कुर्सियां मंगवाईं।
कुछ देर के बाद हेलीकॉप्टर को दो बार उड़ा कर देखा गया। ठीक होने के बाद फौज के दोनों हेलीकॉप्टर चले गए। ग्रामीण हरबंस सिंह ने कहा कि हेलीकॉप्टर में खराबी लग रही थी और पायलेट ने समझदारी के साथ इसे लैंड कर लिया। वहीं ग्रामीण मलकीत सिंह और अमनवीर सिंह ने बताया कि उनके खेतों में यह हेलीकॉप्टर उतारा गया।
फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नुकसान हुआ भी है तो उन्हें को कोई परवाह नहीं है। एएसपी रवी कुमार ने कहा कि यह इमरजेंसी लैंडिंग नहीं है, यह दो घंटे की ट्रेनिंग का एक हिस्सा था। किस तरह इमरजेंसी लैंडिंग की जाए, उसके लिए ही यह यह मॉक ड्रिल की गई है। जबकि 10 बजे खेत में उतरा हेलीकॉप्टर ने दोबारा करीब डेढ़ बजे उड़ान भरी।